छत्तीसगढ़ सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्य में:प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.1% , कर्नाटक, गुजरात और ओडिशा ही हमसे बेहतर; MP 7वें, UP 9वें स्थान पर

रायपुर4 महीने पहले
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इस रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7% रही है। - Dainik Bhaskar
इस रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7% रही है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने छत्तीसगढ़ को सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शुमार किया है। आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2.1 % के साथ देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में चौथे क्रम पर है। 1.4% के साथ कर्नाटक पहले स्थान पर, 1.6% के साथ गुजरात दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर आया है।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के नए आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर 3.4% है। वह 7वें स्थान पर है। उत्तर प्रदेश 4.9% की बेरोजगारी दर के साथ 9वें स्थान पर है। असम 5.8 % के साथ 12वें क्रम पर है। वहीं राजस्थान में 27.1%, झारखंड में 17.3% और बिहार में 16% की बेरोजगारी दर रही है।

देश में सर्वाधिक बेरोजगारी दर हरियाणा में 34.1 % बताई गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जनवरी 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी दर 6.52 % थी। जिसमें शहरी बेरोजगारी 8.9% और ग्रामीण बेरोजगारी 5.81% थी। वहीं दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7% रही जिसमें शहरी बेरोजगारी 9.1% और ग्रामीण बेरोजगारी 7.1% रही।

क्या है CMIE
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) एक थिंक टैंक है। यह संगठन पिछले 45 सालों से भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों में सतत अध्ययन करके डेटा बेस का निर्माण करता आया है। अर्थव्यवस्था पर इसकी ओर से जारी आंकड़ों को प्रमाणिक माना जाता है।

अफसरों का दावा, सरकारी नीतियों से बने रोजगार के अवसर
अफसरों का कहना है, छत्तीसगढ़ ने पिछले तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के अनुरूप नया मॉडल अपनाया था। इसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल के अंतर्गत गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, रुलर इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण एवं वैल्यू एडीशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी देशव्यापी आर्थिक मंदी से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अछूती रही। तब भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर पूरी तरह नियंत्रित रही।

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