छत्तीसगढ़ में ओलों भरी बरसात:रायपुर, बिलासपुर सहित अधिकांश जिलों में तेज बरसात के साथ ओले भी गिरे, 30 तक ऐसे ही मौसम का अंदेशा

रायपुर5 महीने पहले

चक्रवाती हवाओं ने छत्तीसगढ़ का मौसम बदल दिया है। मंगलवार को रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, कोरिया, कवर्धा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, बेमेतरा सहित अधिकांश जिलों में बरसात हुई। रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा में तो ओले गिरे हैं। इस बरसात की वजह से दिन के तापमान में भी 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी।

प्रदेश के कोरिया, बिलासपुर जैसे कुछ हिस्सों में दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बरसात शुरू हो गई थी। शाम होते-होते सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बरसात होने लगी। इस बीच दुर्ग संभाग के जिलों में बरसात के साथ ओले गिरे। रायपुर में शाम को हवा तेज हो गई। करीब 8 बजे से यहां बरसात होने लगी। इसके साथ ओले भी गिरे। गरज-चमक के साथ बरसात देर रात तक होती रही। इस दौरान कई निचले इलाकों में पानी भर गया। ठंडी हवाओं की वजह से रात अधिक ठंडी महसूस होने लगी है।

बुधवार को ऐसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 29 दिसंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे गिरने की संभावना है। ओले भी गिर सकते हैं। ओलावृष्टि का क्षेत्र मुख्य रूप से प्रदेश का उत्तरी भाग होगा। कुछ पॉकेट में सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा बनने की प्रबल संभावना है। अधिकतम तापमान में गिरावट होगी, जबकि न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

कवर्धा के परसवारा गांव, पिपरिया जैसे इलाकों में ओला भी गिरा है।
कवर्धा के परसवारा गांव, पिपरिया जैसे इलाकों में ओला भी गिरा है।

बेहद ठंडी होगी 31 दिसम्बर की रात
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, बरसात की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आएगी। इससे ठंड का एहसास बढ़ेगा। 31 दिसम्बर को जब मौसम साफ होगा तब दिन का तापमान बढ़ेगा, लेकिन रात सामान्य से अधिक ठंडी हो जाएगी। न्यूनतम तापमान में गिरावट कुछ दिन बनी रहेगी। यानी नव वर्ष के स्वागत की तैयारियों में ठंड से बचने के उपाय भी शामिल करने होंगे।

मौसम विभाग की ओर से जारी सेटेलाइट चित्र में बरसात वाले क्षेत्रों को देखा जा सकता है।
मौसम विभाग की ओर से जारी सेटेलाइट चित्र में बरसात वाले क्षेत्रों को देखा जा सकता है।

30 दिसम्बर के बाद मौसम साफ होगा
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया- ऊपरी हवा का एक चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर तेलंगाना तक विदर्भ होते हुए एक द्रोणिका भी 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। वहीं एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में 1.5 किलोमीटर तक स्थित है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बरसात संभावित है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है।

कुछ पॉकेट्स में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। ऐसा ही मौसम 29 और 30 दिसम्बर को भी बने रहने की संभावना बन रही है। 30 दिसम्बर के बाद मौसम साफ होगा। उसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। रातें अधिक ठंडी हो जाएंगी।

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