• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Chhattisgarh's Excise Minister Kawasi Lakhma Said, Soon The Devil's Work, We Will See What Will Be The Effect Of Prohibition On Farmers And Laborers

शराबबंदी पर बोले आबकारी मंत्री:कवासी लखमा ने कहा- जल्दी का काम शैतान का, हम देखेंगे कि किसानों-मजदूरों पर क्या असर होगा; सरकार सोच-समझ कर फैसला करेगी

रायपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी के वादे के साथ सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अब इसे टालने की कोशिश कर रही है। शराबबंदी के बारे में पूछने पर प्रदेश के आबकारी और उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि जल्दी का काम शैतान का होता है। सरकार इस मामले में सोच-समझकर फैसला लेगी। हम ये भी देखेंगे कि इस फैसले का किसानों और मजदूरों पर क्या असर होता है। आबकारी मंत्री लखमा सोमवार को रायपुर में मीडिया से बात कर रहे थे।

कवासी लखमा ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में कर्ज माफी, टाटा की जमीन वापसी, धान के 2500 रुपया प्रति क्विंंटल दाम के साथ शराबबंदी को भी शामिल किया था। CM विधानसभा में और बाहर कई बार बोल चुके हैं कि शराबबंदी करेंगे, लेकिन यह जल्दबाजी में नहीं होगा।’ मंत्री लखमा ने कहा, छत्तीसगढ़ छोटा राज्य है। यह सामाजिक-आर्थिक और किसानों-मजदूरों से जुड़ा हुआ मामला है। राजनीतिक मुद्दा नहीं है। फैसला करने से पहले शराबबंदी के परिणाम देखने होंगे।

शराबबंदी के लिए परिणाम भी गिनाए
शराबबंदी के परिणाम गिनाते हुए मंत्री कवासी लखमा ने कहा, बिहार में शराबबंदी हुई है, उसका असर क्या हुआ। वहां तीन लाख से अधिक लोग दो साल से जेल में बंद हैं। इसमें गरीब, किसान और उद्योगों में काम करने वाले लोग हैं। उन पर क्या असर होगा यह देखना होगा। आबकारी मंत्री ने कहा, सरकार राजनीति से ऊपर उठकर इस मामले में सबकी सलाह ले रही है। नई नीति भी सबकी सलाह से आएगी। इसमें जल्दबाजी नहीं होगी, क्योंकि जल्दी काम शैतान का।

बस्तर में बड़े उद्योगों को समर्थन नहीं
बस्तर क्षेत्र से टाटा उद्योग की वापसी के बाद की स्थिति से जुड़े एक सवाल पर लखमा ने कहा, टाटा ने वहां जमीन इसलिए ली थी कि उसे बैलाडिला की खदान मिल जाए। उसने एक पत्थर नहीं लगाया। इसलिए उसका विरोध था। उन्होंने कहा, हम बस्तर में बड़े उद्योगाें के पक्ष में नहीं हैं। यहां महुआ, टोरा, इमली पर आधारित उद्योग लगेंगे। स्थानीय आबादी को फायदा होगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार पर कही चुभने वाली बात
लखमा ने कहा, यहां के भाजपा सांसदों की कोई पूछ परख नही है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। जो लोग पार्टी छोड़-छोड़कर गए उनको मंत्री बना दिया। यहां के 9 सांसदों को कुछ नहीं मिला। राज्यसभा वालों को भी नहीं मिला। रमन सिंह जैसे नेता को भी नहीं पूछा।

धर्मांतरण के आरोपों को बताया भाजपा की राजनीति
बस्तर में धर्मांतरण के आरोपों को कवासी लखमा ने भाजपा की राजनीति बताया। उन्होंने कहा, भाजपा लड़ाने-भिड़ाने वाली पार्टी है। पिछले ढाई वर्षों में उन्हें कुछ नहीं मिला तो यह मुद्दा उठा रहे हैं। भाजपा बस्तर के शांत वातावरण को नुकसान पहुंचाना चाहती है। कोई धर्मांतरण नहीं हो रहा है। अब लोग जागरुक हैं, ऐसी बातों में नहीं आएंगे। भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के आरोपों पर लखमा ने कहा, वे हैदराबाद से हवाई जहाज से आती हैं। बस्तर के बारे में कुछ पता नहीं है, जो वॉट्सएप फॉरवर्ड आता है वही पढ़कर पत्रकारों को कुछ बोल देती हैं।

खबरें और भी हैं...