सीएम ने आदिवासियों को भरोसा दिलाया:भूपेश बघेल ने कहा- लेमरू एलीफेंट रिजर्व का क्षेत्र 1995 वर्ग किमी से कम नहीं होगा

रायपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सीएम बघेल ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सभी शिकायतों का जल्द परीक्षण कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - Dainik Bhaskar
सीएम बघेल ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सभी शिकायतों का जल्द परीक्षण कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुुरुवार को सरगुजा से पदयात्रा कर रायपुर आए हसदेव अरण्य क्षेत्र के लोगों से अपने निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पहले भी आदिवासियों के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी।

सीएम बघेल ने कहा कि भारत सरकार ने लेमरू एलीफेंट रिजर्व के लिए 452 वर्ग किलोमीटर का नोटिफिकेशन जारी किया है, लेकिन राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1995 वर्ग किलोमीटर कर दिया है। जिसमें क्षेत्र के सभी कोल ब्लॉक आ गए हैं। लेमरू एलीफेंट रिजर्व का क्षेत्र 1995 वर्ग किलोमीटर से कम नहीं होगा।

क्षेत्र के लोगों की सभी शिकायतों का जल्द परीक्षण कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि लेमरू एलीफेंट रिजर्व का क्षेत्रफल 1995 वर्ग किलोमीटर करने के संबंध में भारत सरकार को भेजा गया है।

पिछली सरकार ने इसके लिए 2007 में 452 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र तय किया था। वर्ष 2007 से 2018 तक इस पर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। दिसम्बर 2018 में नई सरकार के गठन के बाद पुनः सर्वे कराया गया। जहां तक परसा कोल ब्लॉक के संबंध में ग्रामसभा से नियम विरूद्ध प्रस्ताव और इस कार्य से जुड़े अधिकारियों पर कार्रवाई जांच का विषय है। जांच के बाद ही इस पर कार्रवाई करना संभव है। इस अवसर पर डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, अमरजीत भगत और गिरीश देवांगन भी उपस्थित थे।

ग्रामसभा के बिना कोई भी प्रोजेक्ट लागू नहीं: उईके
राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी सरगुजा से आए आदिवासियों ने मुलाकात की। राज्यपाल सभी 300 लोगों को बुलाया। राज्यपाल ने कहा कि पांचवीं अनुसूची के क्षेत्र में ग्रामसभा को विशेष अधिकार होते हैं। उनकी अनुमति के बिना कोई भी परियोजना या अन्य कार्य क्रियान्वित नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि वे उनकी संरक्षक हैं।

उनकी जो भी समस्या हैं, उनका यथोचित समाधान करने शासन से चर्चा करेंगी। राज्यपाल ने उनसे तेंदूपत्ता बोनस, छात्रवृत्ति के बारे में पूछा। इसके संबंध में समाधान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर विजय कोर्राम साल्ही, बालसाय हरिहरपुर, रामलाल साल्ही, देवसाय, धनसाय मंझवार, जयसिंह बिंझवार, मायावती आिद उपस्थित थे।