ग्रामीण से बोले CM-भैया लड्‌डू नहीं खिलाया:​​​​योजना का लाभ मिला तो की बेटे की शादी; मुख्यमंत्री को मिला स्कूल का मित्र

रायपुर/गुंडरदेही3 महीने पहले
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात के लिए बालोद जिले में पहुंच गए हैं। इस दौरान वे गुंडरदेही, डौंडी लोहारा और संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने वाले हैं। रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर गुंडरदेही के बेलौदी गांव में उतरा। मुख्यमंत्री ने गांव में चौपाल लगाकर लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा, मैं जानने आया हूँ कि आप सभी को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। सभी ने कहा कि लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं जानना चाहता हूं कि क्या कमी रह गई है। उसे भी दूर करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेलौदी के बाजार चौक पहुंचकर ग्रामीणों की आस्था के केन्द्र शीतला मन्दिर एवं दुर्गा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। ग्रामीणों ने बताया, यह शीतला मंदिर 70-75 साल प्राचीन है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर के पुजारी को पूजा के उपरांत वस्त्र भी भेंट किये।

ग्रामीण से बोले CM-भैया लड्‌डू नहीं खिलाया

चौपाल में मुख्यमंत्री के पूछने पर गांव के शत्रुघ्न ने बताया कि उसका 35 हजार का कर्ज माफ हुआ है। दो साल से राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ मिल रहा है। डोमार सिंह साहू ने बताया, उनका तीन लाख रुपए का कर्ज माफ हुआ है। 38 हजार रुपए का 4 से भी अधिक बार न्याय योजना का लाभ मिला है, इस पर मुख्यमंत्री ने पूछा - इतना अतिरिक्त पैसा मिला तो क्या किया? डोमार ने बताया कि बेटे की शादी की। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि लड्डू नहीं खिलाए भैया! मुख्यमंत्री ने डोमार सिंह की बहु पूर्णिमा से पूछा-क्या लिया ससुर जी ने, तो बहु ने कहा कि मेरे लिए कार लेंगे।

मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को कैमरे में उतार लेने का उत्साह महिलाओं में भी दिखा।
मुख्यमंत्री के साथ बातचीत को कैमरे में उतार लेने का उत्साह महिलाओं में भी दिखा।

सास-बहू के अलग राशनकार्ड की मांग आई, मुख्यमंत्री बोले-ये सही नहीं

चौपाल में मुख्यमंत्री ने लोगों से राशनकार्ड के बारे में पूछा। लोगों ने कहा, सभी का बना हुआ है। एक महिला ने कहा, उनके सास के नाम पर कार्ड है। उनका भी बनवा दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सास-बहू साथ में रहो, कार्ड के लिए अलग होना सही नहीं है।

गुंडरदेही में SDOP की पदस्थापना होगा

मुख्यमंत्री ने लोगों की मांग पर गुंडरदेही में SDOP की पदस्थापना करने की घोषणा की है। इसी प्रकार अर्जुंदा और गुंडरदेही में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए भवन और अर्जुंदा में बस स्टैंड निर्माण के लिए मंजूरी दी है। इसके अलावा गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहूल्य गांवों में देवगुड़ी सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा सीएम ने की है। वहीं बलौदी जलाशय के गहरीकरण और विभिन्न सड़कों के मरम्मत की स्वीकृति दी गई है। भाटागांव, बेलौदी, कुरदी में जिला सहकारी बैंक का एटीएम, भाठागांव बी और पैरी में संचालित दो निजी स्कूलों के शासकीयकरण की भी मंजूरी दी।

कृषि मजदूर न्याय योजना की जानकारी

मुख्यमंत्री ने बातचीत में कहा, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में जिन्होंने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, अपना नाम लिखा लें। पात्र पाए गए तो साल का सात हजार रुपए मिलेगा। एक व्यक्ति ने अपने नि:शक्त बच्चे की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ऐसे सभी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हम काम कर रहे हैं। इन्हें विशेष स्कूल भेजें, इसके लिए जिलों में सुविधा है।

मुख्यमंत्री ने गांव के शितला माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
मुख्यमंत्री ने गांव के शितला माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

लोगों की मांग भी खूब आई

बेलौदी गांव के सरपंच शशिकला की मांग पर भाठागांव में पानी और बिजली की बेहतर व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। चंचल महिला स्व-सहायता समूह ने 10 साइकिल की मांग की। मुख्यमंत्री ने 50 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। गांव के भोलाराम साहू ने सोलर पंप की मांग की। उन्होंने समर्थन मूल्य में धान की खरीदी प्रति एकड़ 18 क्विंटल करने की मांग की। उनकी बात सुनकर लोगों ने खूब ताली बजाई। नागेश्वरी साहू ने कहा कि बेलौदी कॉलेज में अच्छी सुविधा नहीं है। यहां लॉ नहीं है, भूगोल की कक्षा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा - अच्छी शिक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

बेलौदी में मिले गंगूराम साहू ने मुख्यमंत्री के साथ स्कूली पढ़ाई की है।
बेलौदी में मिले गंगूराम साहू ने मुख्यमंत्री के साथ स्कूली पढ़ाई की है।

गांव में मिल गए स्कूल के सहपाठी

भेंट मुलाकात के लिए बेलौदी पहुंचे मुख्यमंत्री ने गांव की सरपंच के दिवंगत पुत्र भूपेन्द्र सारथी को उनके घर जाकर श्रद्धांजलि दी। वहीं पर उन्हें सेवानिवृत्त शिक्षक गंगूराम साहू मिल गए। मुख्यमंत्री ने उन्हें वहां देखकर पूछा - "गंगूराम, तें इंहा कइसे, तोर गांव तो गुढियारी (पाटन) हरे ना? गंगूराम साहू ने बताया कि वह रिटायर हो गए हैं और अब वह इन दिनों बेलौदी में ही अपनी ससुराल में रहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए अपने पास बुला लिया। दोनों सहपाठी ने आपस में संक्षिप्त चर्चा करते हुए स्कूल के दिनों की याद ताजा की। गंगूराम साहू ने बताया, उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मिडिल और हाईस्कूल मर्रा में छठवीं से 12वीं तक पढ़ाई की है। बाद में वे वहीं पर शिक्षक हाे गए।