तेजी से घटा प्रदूषण:लॉकडाउन के दूसरे दिन से ही शहर की हवा साफ, इस वजह से गर्मी भी कम

रायपुर8 महीने पहले
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  • एयर क्वालिटी इंडेक्स 65 से घटकर 50 से भी कम यानी राजधानी की हवा में तेजी से घटा प्रदूषण

राजधानी रायपुर में पिछले 2 दिन से लगे लॉकडाउन के कारण अब हवा फिर से साफ होने लगी है। दरअसल पिछले 48 घंटे से सड़कों पर गाड़ियां बिलकुल नहीं हैं जो शहरी इलाके में प्रदूषण की बड़ी वजह हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाली औद्योगिक इकाइयां भी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रही हैं।

यही नहीं, ऐसे सारे काम बंद हैं, जिनकी वजह से हवा में महीन धूल के कण का गैसें घुलती हैं। इसका नतीजा ये हुआ है कि राजधानी में रविवार की शाम कलेक्टोरेट, जयस्तंभ चौक तथा एनआईटी में एयर क्वालिटी इंडेक्स लाॅकडाउन के दूसरे दिन ही 45-50 के बीच अा गया है। यह हवा की अच्छी क्वालिटी की तरफ इशारा करता है। जबकि लाॅकडाउन के पहले यही 50-65 के बीच चल रहा था, अर्थात प्रदूषक तत्वों में केवल 48 घंटे में ही 25 फीसदी से ज्यादा की कमी आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन का आर्थिक हालात पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन अच्छी बात ये है कि हवा का प्रदूषण कम होना बीमारी के इस काल में हर शहरी के लिए बेहद फायदेमंद है।

राजधानी में कबीर नगर या आउटर के अधिकांश इलाकों में यह सामान्य तौर पर 50 से 65 के बीच रहता है। रायपुर तथा लगे हुए आसपास के जिलों में भी अब लॉकडाउन है, इस वजह से नजदीकी दूसरे जिलों से भी बड़ी मात्रा में प्रदूषित हवा के आने की संभावना कम है। इसलिए ऐसी संभावना जताई जा रही है कि भले ही करोना की वजह से लोगों को तकलीफ झेलनी पड़ रही है लेकिन इस दौरान यहां की हवा साफ हो गई है।

गाड़ियों से हवा में ज्यादा जहर
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण में मुख्य रूप से शहर में चलने वाले वाहनों के कारण है। रायपुर में रोजाना 8 लाख से ज्यादा वाहन चलते हैं। इनके धुएं से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों में मुख्यत: कार्बन डाइऑक्साइड और लेड आदि से हवा ज्याद दूषित हो रही है। अभी गाड़ियां नहीं हैं, इसलिए यह प्रदूषण नहीं के बराबर है। इसके साथ ही कारखाने या अन्य व्यवसायिक उपक्रमो की वजह से भी प्रदूषण फैलता है। यह सब गतिविधियां भी आधी या कम क्षमता से चल रही हैं अथवा बंद हो गईं। लाॅकडाउन के कारण निर्माण का काफी काम बंद है, इसलिए ज्यादा धूल नहीं निकल रही है। इसलिए भी प्रदूषण अभी कम है।

प्रदूषण नहीं तो गर्मी भी कम
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार लॉकडाउन के कारण एक तरफ हवा में प्रदूषण कम हो रहा है, वहीं इससे तापमान भी नियंत्रित है। प्रदूषण और तापमान का एक दूसरे से संबंध होता है। आमतौर पर उद्योगों, वाहनों से निकलने वाले कार्बनिक तत्व हवा को प्रदूषित तो करते ही हैं, तापमान को वृद्धि करने में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। अभी सड़कों में वाहनों की संख्या लगभग शून्य है। ऐसे में उनसे निकलने वाली गर्मी वातावरण को प्रभावित नहीं कर रही है। लोग भी घरों के भीतर हैं, इस वजह से वातावरण में अधिक मात्रा में गर्मी उत्पन्न करने वाले कार्य नहीं हो रहे हैं। होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबे, नाश्ता ठेलें इत्यादि चलने की वजह से भी तापमान प्रभावित होता है। इन सब वजह से अभी तापमान नियंत्रित है। तापमान में इससे लगभग एक से दो डिग्री का अंतर आ रहा है।

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