नैक ने जारी की ग्रेडिंग:एडमिशन के लिए छात्रों से 99 प्रतिशत नंबर चाहते हैं काॅलेज, पर खुद बी-ग्रेड

​​​​​​​रायपुरएक महीने पहले
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  • राजधानी का प्रतिष्ठित साइंस कालेज भी फिर बी-ग्रेड

राजधानी में भले ही प्रदेश के लिहाज से टॉप कॉलेज हैं, लेकिन इस साल सभी ए-ग्रेड से वंचित रह गए हैं। वह काॅलेज जहां पहली सूची में एडमिशन के लिए कटऑफ 98-99 प्रतिशत था, नैक के मूल्यांकन में वह भी बी-ग्रेड पाए गए हैं। जैसे, राज्य के पुराने व प्रतिष्ठित संस्थान में शुमार राजधानी के आदर्श साइंस कॉलेज को नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ने बी-ग्रेड में रख दिया है। यही नहीं, कटऑफ भले ही पिछले साल से बढ़ा हो, लेकिन ग्रेडिंग में इस कालेज के नंबर पिछले साल से घट गए हैं।

पांच साल पहले जब कॉलेज को नैक ने बी ग्रेड की श्रेणी में रखा, तब प्रयास किए जा रहे थे कि अगली बार नैक की टीम आएगी तो इससे बेहतर ग्रेड मिलेगा। लेकिन इस बार भी हालात वैसे के वैसे हैं। कुछ दिन पहले मूल्यांकन के लिए नैक की टीम साइंस कॉलेज आई थी। कॉलेज प्रबंधन ने टीम को कॉलेज के खूबियों और उपलब्धियों के बारे में बताया। नैक की टीम जो जानना चाहती थी, उसे सभी जानकारियां दी गईं, छात्रों से फीडबैक भी लिया। प्रबंधन से जुड़े लोगों का दावा था कि नैक की टीम कालेज के प्रदर्शन से संतुष्ट है और इस बार ए-ग्रेड मिल सकता है। लेकिन लेकिन ए-ग्रेड तो दूर, कालेज को पिछली बार से भी कम प्वाइंट मिले हैं। पिछली बार साइंस कॉलेज रायपुर को 2.81 सीजीपीए मिला था, जो इस बार घटकर 2.34 सीजीपीए हो गया है। नैक से बी-ग्रेड मिलने के बाद साइंस कॉलेज में निराशा है।

इन सात बिंदुओं पर मूल्यांकन
शिक्षाविदों ने बताया कि नैक सात बिंदुओं को लेकर मूल्यांकन करती है। इसमें 1. करिकुलर एस्पेक्टस, 2. टीचिंग, लर्निंग एंड इवैल्यूएशन 3. रिसर्च, इनोवेशन एंड एक्सटेंशन, 4. इंफ्रास्ट्रक्चर एंड लर्निंग रिर्सोस, 5. स्टूडेंट्स सपोर्ट एंड प्रोग्रेसन, 6. गवर्नेंस लीडरशिप एंड मैनेजमेंट और 7. इंस्टीट्यूशनल वैल्यू एंड बेस्ट प्रैक्टिसेस।

कुछ कॉलेज ए-ग्रेड वाले भी
राज्य में कुछ सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों के पास नैक से ए-ग्रेड है। बिलासपुर में बिलासा गर्ल्स कॉलेज के पास भी पहले ए-ग्रेड था, लेकिन इस बार मूल्यांकन में उसे बी की श्रेणी में रखा गया है। शिक्षाविदों का कहना है कि नैक ने कॉलेजों के मूल्यांकन के लिए इस बार मापदंड कड़े किए। इसलिए कॉलेजों को परेशानी हो रही है। इस साल डिग्री गर्ल्स कॉलेज रायपुर समेत अन्य कई कॉलेजों की नैक से ग्रेडिंग होने वाली है।

रिसर्च में और नंबर मिलने थे
कॉलेज की प्रिसिंपल डॉ. राधा पांडेय का कहना है कि रिसर्च में हमारा कॉलेज अच्छा है। फिर भी इसके अनुसार नंबर नहीं मिले। इसके लिए फीडबैक रिपोर्ट दी जाएगी। नैक से जिन बिंदुओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है, उसमें कई में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। कॉलेज में जो खामियां हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।

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