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  • Confrontation Of Remedisvir In Chhattisgarh; BJP MLA Ajay Chandrakar Alleges Corruption In Procurement, In Response, Health Minister Also Keeps Track Of Purchases In Gujarat, Andhra Pradesh, Maharashtra

छत्तीसगढ़ में रेमडेसिविर पर टकराव:भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने खरीदी में लगाए भ्रष्टाचार के आरोप; स्वास्थ्य मंत्री ने गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में खरीदी का भी हिसाब रख दिया

रायपुर6 महीने पहले
छत्तीसगढ़ में 15 हजार वॉयल रेमडेसिविर की खेप आज ही पहुंची है। सरकार ने 90 हजार वॉयल का आर्डर दिया हुआ है।

कोरोना से मचे कोहराम के बीच राजनीति तेज है। छत्तीसगढ़ में यह राजनीति रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर हो रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इंजेक्शन खरीदी के टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार की ओर से इसी दवा की खरीदी का पूरा हिसाब सामने रख दिया है।

भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया के जरिए यह आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बेंगलुरु की जिस कंपनी माइलॉन फार्मास्यूटिकल से जो रेमडेसिविर इंजेक्शन 1400 और 12 प्रतिशत जीएटी प्रति यूनिट की दर से खरीदा है। महाराष्ट्र सरकार ने उसी कंपनी से 22 मार्च को 595 रुपए और 12 प्रतिशत GST की दर से खरीदी की है। चंद्राकर ने कहा, छत्तीसगढ़ ने 90 हजार यूनिट इंजेक्शन खरीदने का ऑर्डर दिया है। उस पर 12.60 करोड़ रुपए खर्च होगा। यह महाराष्ट्र के सौदे से 7.24 करोड़ रुपए अधिक है। चंद्राकर ने लिखा, कांग्रेस के लिए आपदा भी अवसर है? असम चुनाव से कुछ कनेक्शन है क्या?

जवाब में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुजरात, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में इसी दवा की खरीदी के आंकड़े सामने रख दिए। इन राज्यों ने भी 1568 रुपए में रेमडेसिविर का क्रय किया है। उन्होंने कहा कि जब दवा उपलब्ध नहीं हुई होगी तब राज्यों ने महंगे दाम पर भी इस दवा को खरीदने का निर्णय लिया होगा। सिंहदेव ने कहा, इन दरों की समीक्षा करके विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह आदेश दिया गया। जब सारे देश में 1400में ही यह दवा उपलब्ध हो रही है, तब छत्तीसगढ़वासियों के असंतोष को देखते हुए हमनें इसी दर में खरीदने का फैसला किया।

केंद्र सरकार का पत्र दिखाकर कहा वहां से 3400 रुपए दाम तय है

टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार का एक पत्र दिखाया है। उन्होंने कहा, इस पत्र के मुताबिक राज्य सरकार ने जिस माईलेन फार्मास्यूटिकल कंपनी से दवा खरीदी है, उसके लिए प्रति यूनिट दवा की कीमत 3400 रुपए निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने तो इस दवा को 1400 रुपए की दर पर खरीदा। इसके बाद भी गलतबयानी या आरोप के जरिए भ्रम फैलाने की जो कोशिश की जा रही है।

सिपला से था अनुबंध, कंपनी आपूर्ति नहीं कर पाई

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, 22 मार्च को महाराष्ट्र सरकार ने 595 रुपए की दर से रेमडेसिविर खरीदा। छत्तीसगढ़ सरकार ने 16 अप्रैल को 1400 रुपए में रेमडेसिविर इसलिए खरीदी है, क्योंकि बाजार में उसका दाम बढ़ गया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने सिपला कंपनी के साथ अनुबंध किया था। कंपनी उसे पूरा करने से पीछे हट गई। प्रदेश में रेमडेसिविर की अत्यंत आवश्यकता थी। इसकी वजह से सरकार ने इमरजेंसी टेंडर बुलाया था।

भाजपा पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, पहले ऐसा महसूस होता था कि सकारात्मक सुझाव मिल रहे हैं। साथ मिलकर कार्य हो रहा है। अब ऐसा लगता है कि भाजपा के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि दुष्प्रचार में संलग्न हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है जैसे सोची-समझी किसी रणनीति के तहत गलत तथ्यों को प्रस्तुत करके वे छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को कमतर बताने का प्रयास कर रहे हैं।

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