पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

झीरम कांड:कांग्रेस ने कहा - एनआईए ने कुछ नहीं किया, अब एसआईटी से कराएं जांच; भाजपा का जवाब - क्या एसआईटी, एनआईए और जज से ऊपर है

रायपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पत्रकारों से चर्चा करते कांग्रेस नेता।
  • सात साल बाद चार मंत्री व पीसीसी चीफ सामने आए, केंद्र पर बोला हमला
  • दिवंगत मुदलियार के बेटे की नई एफआईआर को आधार बनाकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा

झीरम घाटी नक्सली हमले के 7 साल बाद एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक जंग छिड़ गई है। दिवंगत कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र द्वारा दरभा थाने में कराई गई एफआईआर की जांच का जिम्मा एनआईए ने मांगा है। इसके बाद प्रदेश सरकार के चार मंत्री समेत पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने भाजपा पर बड़ा हमला किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एनआईए केंद्र के इशारे पर काम कर रही है और वह भाजपा के कुछ लोगों को बचाना चाहती है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन एवं विधि मंत्री मोहम्मद अकबर और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने खुलकर आरोप लगाया है कि झीरमकांड की साजिश में तत्कालीन रमन सरकार शामिल थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले 6 साल में मोदी सरकार ने जांच की दिशा ही बदल दी है। कल ही दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा की बेटी तुलिका और उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र ने एनआईए पर अपने आकाओं के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए एसआईटी जांच की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुआ नक्सली हमला सुनियोजित षड्यंत्र था। यह पूरी तरह से सुपारी किलिंग थी, लेकिन आज तक इस घटना की सच्चाई से पर्दा नहीं उठा पाया है। आखिर भाजपा जांच से क्यों बचना चाह रही है। कृषि मंत्री ने सवाल किया कि आखिर वो कौन लोग हैं, जो इस मामले को दबाने में लगे हैं। कौन हैं जो सच को सामने नहीं आने देना चाहते। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से इंकार के बाद भी तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह ने इसे क्यों छुपाए रखा। अब तक जो एनआईए जांच पूरा होने की बात कह रही थी वह फिर से जांच करने की बात क्यों कह रही है। वनमंत्री अकबर ने कहा कि एक ओर एनआईए कहती है, उसने जांच पूरी कर ली, लेकिन जब जितेंद्र मुदलियार ने 25 मई को दरभा थाने में फिर से एफआईआर कराई। तब एनआईए पहले इसे मंजूर नहीं करते हुए जांच चलने की बात कहती है और बाद में 16 जून को विशेष अदालत में विशेष याचिका लगाकर एफआईआर की जांच भी एनआईए को सौंपने की मांग कर रही है। जब पूर्व में एनआईए ने जांच पूरी होने की चार्जशीट पेश की, उसमें शुरुआत में लिखा है कि नक्सली अत्याधुनिक हथियारों से दहशत फैलाने के लिए ऐसी वारदात करते हैं। जब गिरफ्तारी दिखाई जाती है, तब भरमार बंदूकें उनसे जब्त की जाती है। राज्य सरकार झीरम के साजिश करने वालों और आरोपियों को हर हाल में सजा दिलाना चाहती है।

मरकाम बोले-बड़ी राजनीतिक साजिश थी : पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि झीरम हमले में पिछली सरकार पूरी तरह से शामिल थी। उन्होंने कहा कि जो नक्सली सरेंडर किए गए उनसे पूछताछ नहीं की गई। भूपेश सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच करवाना चाहा लेकिन मोदी सरकार ने अडंगा लगाते हुए एनआईए द्वारा जांच कर लेने की बात कहते हुए कहा कि एसआईटी इसकी जांच नहीं कर सकती। हमारे नेताओं की हत्या में बड़ी राजनीतिक साजिश थी। 
डहरिया ने कहा- षड्यंत्र में रमन सरकार शामिल थी : नगरीय प्रशासन मंत्री डहरिया ने आरोप लगाया कि झीरम के षड्यंत्र में तत्कालीन रमन सरकार शामिल नजर आती है। कांग्रेस की सरकार बनते ही हमने एसआईटी बनाकर जांच की बात कही तो इस पर भी अड़ंगा लगा दिया गया। केंद्र सरकार से बार-बार आग्रह करने के बाद भी एनआईए को जांच की फाइल नहीं सौंपी जा रही है। पिछले छह साल में मोदी सरकार ने इसकी जांच की दिशा ही बदल दी है।
एनआईए सीबीआई के समकक्ष, इसलिए जांच नहीं करना उपयुक्त समझा : रमन
पूर्व सीएम डॉ. रमन ने कांग्रेस के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। रमन ने कहा कि आज कांग्रेस सरकार द्वारा इस विषय को फिर से लाया गया है। जब यह घटना हुई तो उस वक्त के पीएम मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील शिंदे ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया था। वापस जाकर तत्कालीन गृहमंत्री ने फोन पर एनआईए जांच की सहमति मांगी थी। रमन ने बताया कि उन्होंने तत्काल सहमति दी थी। रमन ने कहा कि अब एसआईटी का गठन करना समझ से परे है। क्या राज्य की एसआईटी देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी एनआईए से ऊपर है? भाजपा सरकार ने स्वतंत्र जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। इसकी जांच जारी है। इस आयोग द्वारा अखबारों में कई बार विज्ञापन दिया गया कि झीरम घाटी के संबंध में किसी भी तरह के सबूत किसी भी व्यक्ति के पास हैं तो वह आयोग को सौंप सकता है। क्या एक सिटिंग जज की अध्यक्षता में बने आयोग से राज्य की एसआईटी ऊपर है? रमन ने कहा कि 16 जून 2020 को एनआईए ने जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत में याचिका लगाकर आवेदन किया कि मई 2020 में जितेंद्र मुदलियार द्वारा की गई एफआईआर की जांच भी सौंप दी जाए, क्योंकि इस घटना की जांच पहले से एनआईए कर रहा है। एनआईए सीबीआई के समकक्ष है, इसलिए घटना की जांच ना करना उपयुक्त समझा होगा। इस तरह की एजेंसी किसी भी घटना की जांच प्रोफेशनल तरीके से करती है। कांग्रेस के पास घटना संबंधित कोई सबूत या जानकारी है तो एनआईए या न्यायिक आयोग को आज भी सौंप सकती है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज समय बेहतरीन रहेगा। दूरदराज रह रहे लोगों से संपर्क बनेंगे। तथा मान प्रतिष्ठा में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रत्याशित लाभ की संभावना है, इसलिए हाथ में आए मौके को नजरअंदाज ना करें। नजदीकी रिश्तेदारों...

और पढ़ें