आईटी सेल को मजबूत करने पर काम शुरू:25 हजार बूथों में आईटी सेल मेंबर बनाएगी कांग्रेस, भाजपा की टीम पहले ही मंडलों तक

रायपुर5 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को अब डेढ़ साल बाकी हैं। कोरोना की स्थिति को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा ने आईटी सेल को मजबूत करने पर काम शुरू कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने लोकसभा, विधानसभा व जिला स्तर पर सोशल मीडिया में नियुक्ति की है। 25 हजार बूथ में एक-एक सदस्य बनाने का लक्ष्य है। दूसरी ओर, भाजपा ने मंडल स्तर पर टीम बना ली है। यूपी चुनाव के बाद वालंटियर बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी है। इसमें युवा, महिला, बुजुर्गों के साथ प्रोफेशनल को जोड़ेंगे।

कांग्रेस: सबसे मजबूत आईटी सेल का पुरस्कार
छत्तीसगढ़ कांग्रेस आईटी सेल ने पिछले कुछ सालों में काफी काम किया है। यही वजह है कि कांग्रेस ने देश के सबसे मजबूत आईटी सेल का अवार्ड दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने 11 लोकसभा, 90 विधानसभा के अलावा सभी जिलों में आईटी व सोशल मीडिया सेल के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। आने वाले समय में 25 हजार बूथों में एक-एक सदस्य बनाएंगे। चुनाव से पहले इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें विपक्ष के प्रॉपेगैंडा को रोकने के अलावा राज्य सरकार की योजनाओं लोगों तक पहुंचाने के लिए बताया जाएगा। आईटी सेल व सोशल मीडिया के अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा के मुताबिक ब्लॉक व बूथ लेवल पर एक-एक सदस्य बनाए जाएंगे। ये टीमें राज्य सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएंगी ही, साथ ही, विपक्ष की ओर से जो प्रॉपेगैंडा फैलाया जाएगा, उसका भी पर्दाफाश करने का काम करेगी। हर एक कार्यकर्ता को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। उत्तरप्रदेश चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में आईटी टीम का विस्तार किया जाएगा।

यूपी में 70 हजार लोग जुटे
उत्तरप्रदेश चुनाव के लिए आईटी सेल ने बड़ी टीम बनाई है। चुनाव की घोषणा से पहले ही बिस्सा ट्रेनिंग देने के लिए गए थे। 2 लाख को ट्रेनिंग दी गई है। फिलहाल 70 हजार लोग सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। 58 हजार ग्राम पंचायतों में 2-2 की टीमें बनाई गई हैं। इसी तरह 75 जिलों में 5-5 सदस्यों को चुनाव की जिम्मेदारी बांटी गई है।

भाजपा: मोर्चा-प्रकोष्ठ में भी आईटी की टीमें
भाजपा ने आईटी सेल के अंतर्गत प्रदेश, जिले व मंडल स्तर पर टीम बनाई है। इसके अलावा सभी जिले, मोर्चा और प्रकोष्ठ में सोशल मीडिया के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने चाय पर चर्चा शुरू की थी, तब से ही भाजपा ने आईटी सेल को संसाधनों से जोड़ने के लिए काम शुरू कर दिया था। अब मंडल स्तर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ने की व्यवस्था है। कोराेना काल में कई वर्चुअल रैलियां कर चुके हैं। यही नहीं, दूसरे राज्यों की वर्चुअल रैलियों को भी होस्ट कर चुके हैं। आईटी सेल के प्रदेश संयोजक दीपक म्हस्के के मुताबिक आने वाले समय में वालंटियर बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें भाजपा की विचारधारा से प्रभावित प्रोफेशनल, युवा, घरेलू महिलाएं और बुजुर्गों को भी जोड़ा जाएगा। इनका एक बड़ा सम्मेलन किया जाएगा। इस सम्मेलन में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंशर्स को बुलाया जाएगा। सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय नेता भी शामिल होंगे।

52 विधानसभाओं का जिम्मा
आईटी सेल प्रमुख म्हस्के को यूपी में 17 जिलोें के अंतर्गत 52 विधानसभा की जिम्मेदारी दी गई है। चुनाव का ऐलान होने से पहले ही इन विधानसभा क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इतनी पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ताओं को जोड़ा गया है, जिससे िकसी विषय पर हैशटैग के साथ मुहिम चलाने के लिए निजी एजेंसी की मदद लेनी न पड़े।

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