कर्मवीर डॉक्टर्स:माना अस्पताल के कोविड इंचार्ज छोटी बहन को नहीं बचा पाए, संक्रमित भी हुए, फिर ड्यूटी के लिए तैयार

रायपुर7 महीने पहले
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परिवार के साथ डॉ. वोहरा। - Dainik Bhaskar
परिवार के साथ डॉ. वोहरा।
  • अन्य मरीजों के साथ ही रिश्तेदारों का इलाज

राजधानी में कोरोना के मामले बढ़े हैं तो संवेदनाओं के कई हैरान करनेवाले उदाहरण भी सामने आए हैं। शहर के माना कोविड अस्पताल को एक माह पहले दोबोरा शुरू किया गया और इंचार्ज के दौरान पर डॉ. संजीव कुमार वोहरा तैनात हुए।

इसी दौरान अप्रैल के पहले हफ्ते में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उनकी छोटी बहन पूजा राय भी इलाज के लिए यहां भर्ती हुई। आईसीयू में पूजा का इलाज चल ही रहा था। उनके पति शशांक भी पॉजिटिव होने के बाद यहां भर्ती करवाए गए। डॉ. वोहरा बाकी मरीजों के साथ आईसीयू में अपनी बहन और बहनोई का भी इलाज करते रहे।

7 अप्रैल को पूजा की तबीयत अचानक बिगड़ी और डॉक्टर वोहरा के सामने ही आईसीयू में उन्होंने दम तोड़ दिया। चूंकि बहन के पति अस्पताल में ही भर्ती थे... घर पर कोई नहीं था। लिहाजा डॉ. संजीव वोहरा ने ही उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी सारी रस्में निभाई। पूजा के निधन के दो दिन बाद 9 अप्रैल को डॉ. वोहरा अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ पॉजिटिव हो गए। पॉजिटिव होने के बाद फिलहाल वो होम आइसोलेशन में इलाज ले रहे हैं। भास्कर से फोन पर डॉ. वोहरा ने कहा कि वे जल्दी ही स्वस्थ हो जाएंगे और जल्दी ही वापस अपने काम पर लौटना चाहते हैं, ताकि कोरोना की वजह से परेशान बाकी मरीजों के इलाज में जुट सकें।

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