एमपी में बिना परीक्षा प्रमोशन:चार मिनट में 800 मीटर दौड़ने में हांफे कांस्टेबल

रायपुरएक महीने पहले
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  • पुलिस हेड कांस्टेबल और एएसआई प्रमोशन की नई एसओपी से परेशानी

छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल से एएसआई प्रमोशन की नई एसओपी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नई एसओपी में चार मिनट में 800 मीटर की दौड़ लगानी है। युवा कांस्टेबल तो यह दौड़ लगा ले रहे हैं, लेकिन 15-20 साल से भी ज्यादा नौकरी कर चुके कांस्टेबल हांफ जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में दौड़-भाग या परीक्षा के बिना ही प्रमोशन दिया जा रहा है। अर्द्धसैनिक बलों में प्रमोशन के लिए अलग से फिजिकल परीक्षा नहीं होती। यहां ऐसी प्रक्रिया के कारण पुलिसकर्मियों में नाराजगी है।

दो साल से भी ज्यादा समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे पांच हजार से ज्यादा कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल नई एसओपी की वजह से चिंतित हैं। पुलिस महकमे की ओर से प्रमोशन की प्रक्रिया को आसान करने की बात कही गई, लेकिन उसमें 800 मीटर की दौड़ की शर्त रख दी गई है। इस शर्त के मुताबिक 30 साल की उम्र वाले पुलिसकर्मियों को 3 मिनट, 30 से 45 वर्ष तक की उम्र में चार मिनट और 45 से ज्यादा वालों को 5 मिनट में दौड़ लगानी है। 30 से 45 आयु वाले पुलिसकर्मियों की संख्या ज्यादा है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि इससे पहले फिजिकल परीक्षा नहीं लेने की बात कही गई थी। इसके बावजूद नई एसओपी में यह शर्त है। हालांकि पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि फिजिकल परीक्षा क्वालीफाइंग है। पुलिस की नौकरी के मुताबिक फिजिकल फिटनेस जरूरी है। इसके विपरीत पुलिसकर्मियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे आरक्षक हैं, जिनकी नौकरी के लिए अब कुछ साल ही बच गए हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रमोशन के लिए कठिन परीक्षा देनी पड़ेगी।

दूसरी सेवा में ऐसी शर्त नहीं, सीधे प्रमोशन की व्यवस्था

पुलिसकर्मियाें का कहना है कि पुलिस के अतिरिक्त अन्य सेवाओं में ऐसी शर्त नहीं रखी जाती, जब उन्हें नए सिरे से फिजिकल या परीक्षा की जरूरत हो। पुलिस में ही सब इंस्पेक्टर के बाद किसी पद पर प्रमोशन के लिए परीक्षा नहीं ली जाती। ऑफिस में स्टेनो टाइपिस्ट या इसी तरह के पदों से आगे प्रमोशन के लिए फिर से परीक्षा की शर्त नहीं है।

आरक्षक रहकर ही खत्म हाे जाती है नौकरी
पुलिस में सबसे ज्यादा संख्या कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल की होती है। छत्तीसगढ़ में इनकी संख्या करीब 56 हजार है। बड़ी संख्या में ऐसे कांस्टेबल हैं, जिनकी पूरी नौकरी उसी पद पर रह जाती है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए नई एसओपी तैयार की गई है। हालांकि इसमें 800 मीटर दौड़ की शर्त के कारण महिला व पुरुष दोनों कांस्टेबल परेशान हैं।

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