महिला आयोग में हो गया बवाल:किरणमयी के PA ने डॉक्टर को पीटा; अब अंबेडकर अस्पताल में जूनियर डॉक्टर्स काली पट्‌टी लगाकर कर रहे काम, हड़ताल की चेतावनी

रायपुर3 महीने पहले
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काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते जूनियर डॉक्टर्स। - Dainik Bhaskar
काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराते जूनियर डॉक्टर्स।

रायपुर के महिला आयोग के दफ्तर में डॉक्टर की पिटाई के विरोध में रविवार को अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स ने काली पट्टी लगाकर काम शुरू कर दिया है। अस्पताल कैंपस के बाहर डॉक्टर्स ने नारेबाजी भी की। डॉ. प्रेम ने बताया कि इसके बाद भी यदि मारपीट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तो जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है, हम काम बंद कर देंगे।

दरअसल, शनिवार की शाम रायपुर के महिला आयोग के दफ्तर में जबरदस्त हंगामा हो गया। यहां एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ शिकायत लेकर भाटापारा से पहुंची महिला और डॉक्टर आपस में उलझ पड़े। खबर है कि इस बीच महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक के PA ने डॉक्टर की पिटाई कर दी। इसकी जानकारी के बाद कार्रवाई करने की मांग लेकर चिकित्सकों ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया। इस पूरे मामले की जानकारी डॉक्टर्स ने मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा दी। आनन-फानन में किरणमयी नायक ने अपने PA को बर्खास्त करने ऑर्डर शीट तक जारी कर दिया।

यह है पूरा मामला
भाटापारा की रहने वाली महिला लक्ष्मी पांडे ने साल 2019 में डॉ. मनोज लाहोटी से अपने अल्सर का ट्रीटमेंट कराया था । ट्रीटमेंट ठीक था, लेकिन फिर कुछ महीने पहले उन्हें पेट में तेज दर्द होने की शिकायत हुई। इस दौरान भी उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उनके साथ बदसलूकी कर दी। महिला का दावा है कि तेज दर्द होने की वजह से उसने सुबह 6:00 बजे डॉक्टर को फोन किया था। इसी बात से नाराज होकर डॉ. मनोज लाहोटी ने अस्पताल में उनके साथ बीमार अवस्था में दुर्व्यवहार किया। इस मामले की शिकायत महिला ने महिला आयोग में की। इसी प्रकरण की सुनवाई के लिए डॉ. मनोज लाहोटी को शनिवार को आयोग में पेश होना था।

डॉक्टर मनोज लाहोटी। (बीच में सफेद शर्ट में)
डॉक्टर मनोज लाहोटी। (बीच में सफेद शर्ट में)

बीच बचाव करने आया PA
डॉ. मनोज लाहोटी यहां पहुंचे। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक दफ्तर नहीं पहुंची थीं। किरणमयी नायक के PA अभिषेक सिंह ने डॉक्टर को इंतजार करने को कहा, इस दौरान महिला और डॉक्टर के बीच फिर से कहासुनी हो गई। शिकायतकर्ता महिला लक्ष्मी पांडे ने मीडिया को जानकारी दी कि इस दौरान किरणमयी नायक के पीए अभिषेक सिंह ने बीच बचाव करते हुए डॉक्टर को महिला से दूर रहने की हिदायत दी, इसी बात को लेकर डॉक्टर ने PA पर हमला कर दिया।

डॉक्टर की दलील- मुझे कमरे में बंधक बनाकर पीटा
अपने साथ हुई मारपीट के मामले में डॉ1 मनोज लाहोटी ने शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि मैं आयोग में सुनवाई के लिए गया थे। सुनवाई का इंतजार करने के बीच अभिषेक सिंह आया और विवाद करने लगा। वो खींचकर मुझे दूसरे कमरे में ले गया, दरवाला बंद करके मेरे साथ मारपीट की। मेरा फोन छिन लिया। मुझे बाहर नहीं आने दिया गया। बड़ी मुश्किल से वो कमरे से बाहर निकले और पुलिस के पास गए। जब पुलिस की टीम आयोग आई तो उनका फोन मिल पाया। घटना की खबर मिली तो डॉक्टर्स महिला आयोग पहुंच गए। यहां सभी ने किरणमयी नायक से मुलाकात भी की। डॉक्टर्स ने PA को बर्खास्त करने के लिए वहीं कुछ देर धरना दे दिया। समझाइश के बाद डॉक्टर वहां से हटे।

किरणमयी नायक बोलीं- अब जो करना है पुलिस करेगी
इस मामले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा है कि जिस वक्त मैं दफ्तर में नहीं थी उस वक्त यह सारा घटनाक्रम हुआ। अब सच्चाई क्या है, यह शिकायकर्ता महिला या कर्मचारी को पता है। यदि किसी भी तरह की परेशानी यहां हुई तो डॉक्टर को पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी, मुझसे लगातार यह कहा जा रहा है कि आपके आयोग में यह घटना हुई, लगातार प्रेशर पॉलिटिक्स इस पूरे मामले में जरूर हो रही है डॉक्टर की तरफ से। ऐसे में मैंने कर्मचारी को बर्खास्त करने का ऑर्डर लिख दिया है, लेकिन असल में हुआ क्या था यह साफ नहीं है। अब चूंकि केस दर्ज किया गया है अब इस मामले में पुलिस अपनी जांच पूरी करेगी तब और तथ्य सामने आएंगे।

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