• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Ruckamsevir Injection In Chhattisgarh Created Havoc, Government Is Urging Producer Companies To Go To Center, Officials Will Go To Hyderabad And Maharashtra Soon

सांसत में सांस:छत्तीसगढ़ में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिये मचा हाहाकार, उत्पादक कंपनियों से केंद्र तक मनुहार कर रही है सरकार, मुंबई और हैदराबाद भेजे गये दो अधिकारी

रायपुर8 महीने पहले
रायपुर के मेडिकल कॉम्पलेक्स के बाहर रोज ही ऐसी भीड़ केवल एक इंजेक्शन के लिये जुटती है।
  • रायपुर के कुछ स्टोर पर ही उपलब्ध थी दवा अब वहां भी उपलब्ध नहीं
  • राजधानी के मेडिकल कॉम्पलेक्स में दवा के लिए 500 मीटर लंबी लाइन

कोरोना की दूसरी लहर ने प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी दोनों संसाधनों को बुरी तरह निचोड़ दिया है। अस्पतालों में ICU बेड उपलब्ध नहीं हैं। वहीं संक्रमण में काम आने वाले एक रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी कमी आ गई है। मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। अब राज्य सरकार दवा उत्पादक और केंद्र सरकार से इसकी पूर्ती के लिए गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर दो IAS अधिकारियों भोस्कर विलास संदीपन और अरुण प्रसाद को मुंबई और हैदराबाद भेजा जा रहा है।

रायपुर में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के थोक व्यापार केंद्र मेडिकल कॉम्पलेक्स में इस दवा के स्टॉकिस्टों के यहां रोज भारी भीड़ हो रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद ही किसी-किसी को ही यह इंजेक्शन मिल पा रहा है। कुमार मेडिकल के संजय राउत ने बताया कि उन्होंने यह इंजेक्शन मार्केट रेट से करीब 4 हजार रुपए कम में बेचा है। इसी वजह से उनके यहां लोगों की भीड़ है।

राउत ने बताया कि बिक्री शुरू होने बाद डेढ़ घंटे में ही पूरा स्टॉक खत्म हो गया। घंटाें से लाइन में लगे सैकड़ों लोग नाराज भी हुए, लेकिन उनके पास सिस्टम को कोसने के अलावा कोई चारा नहीं था। टाटीबंध से आये शुभम ने बताया, वे अस्पताल में भर्ती पिता के लिये कल से इंजेक्शन खोज रहे हैं। लेकिन, अभी तक नहीं मिल पाया। शुभम इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

बेहद थोड़ी मात्रा में आ रही है दवा
थोक कारोबारियों का कहना है, रेडेमसिविर देश में केवल पांच कंपनियां बनाती हैं। इसमें जायडस-केडिला, हेट्रो, सिप्ला, जुबिलिएंट, मायलान और डाक्टर रेड्डीज शामिल हैं। पिछले महीने से इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। आज भी कंपनियों ने अपने स्टॉकिस्टों को किसी को 50 किसी को 80 और किसी को 100 वायल इंजेक्शन का दिया है। यहां 12 हजार से अधिक इंजेक्शन की खपत है। ऐसे प्रदेश के हर शहर में इसकी उपलब्धता संदिग्ध है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा - कंपनियों में अफसर भेजें
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कोरोना के हालत की समीक्षा की। इस दौरान ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष से रेंडेमसिविर की उपलब्धता का तंत्र समझा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन से इस दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस दवाई का उत्पादन करने वाली कम्पनियों के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मुंबई और हैदराबाद भेजा जाए। निर्देश के थोड़ी देर बाद ही राज्य सड़क विकास निगम के MD और कृषि विभाग के संयुक्त सचिव भोस्कर विलास संदीपन को मुंबई और राज्य औद्योगिक विकास निगम के MD अरुण प्रसाद को हैदराबाद में नियुक्त करने का आदेश जारी हो गया। दोनों अधिकारी स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै के लगातार संपर्क में रहकर काम करेंगे ।

स्वास्थ्य मंत्री बोले, दवा की उपलब्धता की पूरी कोशिश
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में रेडेमसिविर इंजेक्शन की कमी है। हम लोग इंजेक्शन की उत्पादक कंपनियों, केंद्र सरकार और उत्पादक राज्यों से लगातार बात कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव खुद बातचीत का मोर्चा संभाले हुए हैं। सिंह देव ने उम्मीद जताई कि जल्दी ही इस दवा की आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी।

क्या करता है यह इंजेक्शन?
रायपुर स्थित डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. ओपी सुंदरानी बताते हैं यह एक एंटी वायरल दवा है। इससे शरीर में वॉयरल लोड कम होता है। लेकिन अभी तक किसी अध्ययन में कोरोना के इलाज में इसे पूरी तरह कारगर नहीं पाया गया है। डॉ. सुंदरानी बताते हैं, इस दवा का इस्तेमाल मॉडरेट और क्रिटिकल मरीजों में ही करना चाहिये। लेकिन अभी देखने में आ रहा है कि हर मरीज को यह दवा लगाई जा रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोग भी इसे लगवा रहे हैं। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को यह उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

खबरें और भी हैं...