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रेल यात्रियों के लिए निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य:दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आ रहे रेल यात्रियों को भी कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य, नहीं दिखाया तो क्वारेंटीन सेंटर भेज देगी सरकार

रायपुर8 महीने पहले
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना प्रबंधन की समस्याओं पर चर्चा की। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना प्रबंधन की समस्याओं पर चर्चा की।
  • हवाई यात्रियों के लिये पहले ही जारी हो चुके आदेश
  • विशेषज्ञों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश

कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता से सहमी सरकार ने प्रदेश में अब सख्ती बढ़ाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ आ रहे रेल यात्रियों के लिए 72 घंटे पूर्व की कोरोना निगेटिवि रिपोर्ट दिखाने को अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, जिन यात्रियों के पास RTPCR जांच की निगेटिव रिपोर्ट नहीं हो उन्हें निर्धारित प्रोटोकाल के तहत क्वारेंटीन सेंटर, कोविड केयर सेंटर अथवा अस्पताल में रखने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हवाई अड्‌डों पर RTPCR टेस्ट की रिपोर्ट कल से ही अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि हवाई अड्‌डों पर रिपोर्ट नहीं दिखाने वालों के लिए एंटीजन जांच की व्यवस्था की गई है। लेकिन रेल यात्रियों के लिये अभी ऐसा कोई निर्देश नहीं हुअा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये निजी अस्पताल संचालकों, चिकित्सा विशेषज्ञों, मेडिकल और ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कोरोना प्रबंधन में आ रही दिक्कतों और समाधान के उपायों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा, इस बार गांवों में भी संक्रमण फैल रहा है। इसे रोकने के लिए प्रदेश के बाहर से आने वालों की जांच कराना आवश्यक है। गांवों में क्वारेंटीन सेंटर स्थापित करने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर आने वालों की सजगता से जांच करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि कोरोना मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज करें। इसके लिए राज्य सरकार भी जरूरी सहयोग देगी।

खूबचंद बघेल योजना से हो सकता है कोरोना का इलाज, तय होंगी दरें

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने, कोरोना मरीजों को इलाज में उनपर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम से कम करने को कहा है। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निजी अस्पतालों से चर्चा कर इलाज की दरों को पुनरीक्षित करें। उन्होंने कहा, कोरोना के इलाज को भी डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना से सम्बद्ध करने को भी कहा है। उन्होंने जरूरत के मुताबिक नये अस्पतालों को भी इलाज की अनुमति प्रदान करने को कहा।

रेंडेमसिविर इंजेक्शन लाने की भी कवायद

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रहे रेंडेमसिविर इंजेक्शन की सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अमिताभ जैन को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा, इस दवा का उत्पादन करने वाली कम्पनियों के साथ समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को हैदराबाद और महाराष्ट्र भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष से चर्चा कर उनसे अन्य राज्यों से रेंडेमसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति बढ़ाने को कहा।

ऑक्सीजन की उपलब्धता को आश्वस्त किया

मुख्यमंत्री ने बताया, प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले संयंत्रों को पहले छत्तीसगढ़ के शासकीय और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निजी क्षेत्र के कुछ नये उद्योगों को भी मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन की अनुमति दी गई है। इससे प्रदेश के सभी अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।

ICU-ऑक्सीजन के लिये औद्योगिक घरानों की मदद मांगी

मुख्यमंत्री ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के कलेक्टरों को ऑक्सीजन और ICU सुविधा वाले बिस्तरों तथा वेन्टीलेटर की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा, इसके लिए विधायकों की विधायक निधि की राशि से सहयोग का आग्रह किया जा सकता है। उन्होंने औद्योगिक घरानों से भी इसके लिए सहायता लेने कहा।

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