कांग्रेस का बड़ा हमला:कोरोना ने रोजी-रोटी छीनी, लाखों पलायन, मौतें हुईं; क्यों चुप थे पीएम

रायपुर12 दिन पहले
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छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी रोजगार के आंकड़े को पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह द्वारा सोशल मीडिया में वायरल करने के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। जब कांग्रेस नेता इसके लिए पूर्व सीएम को धन्यवाद देने लगे तो रमन सिंह ने उस पोस्ट को ही हटा दिया। इसी मुद्दे पर राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार के प्रवक्ता और कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में डेढ़-पौने दो साल कोरोना में निकल गया।

लेकिन जितना समय सरकार को काम करने के लिए मिला, उतने में हमने युवाओं को रोजगार से जोड़ा और नौकरी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण देश में कई लोगों की रोटी-रोजी छिन गई। लाखों पलायन हुए। कितनी मौतें भी हुईं लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुंह से सहानुभूति का एक शब्द तक नहीं निकला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था। पांच साल पूरा होने पर उन्होंने जो आंकड़े दिए वो हास्यास्पद है। चौबे ने कहा कि मैं जो आंकड़े दूंगा उसे मोदी के आंकड़ों से तुलना मत करिएगा।

भाजपाई बयान देते हैं, साबित नहीं कर पाते
नगरीय प्रशासन मंत्री मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नही है। रमन सिंह बीच-बीच में बोलते रहते हैं वैसे ही बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर भी सनसनी बयान देते है लेकिन वे उसे साबित नहीं कर पाते। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि सरकार बनने के बाद लोकसभा आैर निकाय चुनाव की आचार संहिता आैर कोरोना-काल के बाद भी सरकार युवाओं को रोजगार दे रही है ये बड़ी बात है। हिंदुस्तान की हर सरकार इसे मॉडल के रूप में देख रही है। इस दौरान चंद्रशेखर शुक्ला, रविघोष, सुशील आनंद शुक्ला, महेन्द्र छाबड़ा,धनंजय ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, नितिन भंसाली, सुरेन्द्र वर्मा, अजय गंगवानी आदि उपस्थित थे।

छह हजार से भी ज्यादा शिक्षक अभ्यर्थी भटक रहे, महिलाएं बेरोजगार: भाजपा
कृषि मंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि कांग्रेस ने तीन साल में नौकरियां देने के बजाय लोगों का रोजगार छीना है। जिन 14580 शिक्षकों को नौकरी देने की बात हो रही है, उनमें से 6 हजार अभ्यर्थी अभी भी भटक रहे हैं। उन्हें ज्वॉइनिंग नहीं दी गई है। हजारों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द कर युवाओं को बेरोजगार बना दिया। 20 हजार महिला स्व-सहायता समूहों से काम छीन लिया गया। इस फैसले से ही पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 200 फूड प्रोसेसिंग यूनिट के जरिए रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक दो यूनिट भी नहीं लगी है।

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