अभी और डराएगा कोरोना!:कोरोना का पीक 20 अप्रैल के आसपास, उसके बाद केस घटने की उम्मीद

रायपुर7 महीने पहलेलेखक: अमिताभ अरुण दुबे
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  • कई संभाग 19 अप्रैल के बाद भी हफ्तेभर या 30 अप्रैल तक के लाॅकडाउन की हिमायत करने लगे हैं

छत्तीसगढ़ में पिछले दो हफ्ते से 10 हजार की रफ्तार से बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के बीच दूसरी लहर के पीक को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। जैसे दूसरी लहर का पीक कब आएगा? दूसरी लहर के पीक के बाद आने वाले दिनों में और क्या आशंकाएं हैं? जैसे तमाम सवाल पाठकों के मन में लगातार उठ रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक राजधानी तथा लगे हुए जिलों में जहां संक्रमण अभी तेज है, वहां 20 अप्रैल के आसपास दूसरी लहर का पीक आ सकता है। इसके बाद उम्मीद की जा सकती है कि केस कम होने लगेंगे। दुर्ग में 10 अप्रैल को पॉजिटिविटी रेट 56.6 प्रतिशत और 11 अप्रैल को 50 प्रतिशत था जो मंगलवार को 43% रहा अर्थात तीन दिन में 13 % कमी दर्ज की गई है। हालांकि पॉजिटिविटी दर घटती-बढ़ती रहती है। एक्सपर्ट राजधानी ही नहीं, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव समेत रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के अधिकांश हिस्से में 19 अप्रैल के बाद भी हफ्तेभर या 30 अप्रैल तक के लाॅकडाउन की हिमायत करने लगे हैं, ताकि कोरोना हद तक नियंत्रित हो सके।

दूसरी लहर, 20 के बाद कम होने की उम्मीद

अगर आप देखें तो मार्च में होली के बाद प्रदेश में खासतौर पर अभी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव में अचानक से केस बढ़ने लगे। दरअसल, यही दूसरी लहर की आहट थी। अप्रैल के शुरूआती हफ्तों से ये ज्यादा घातक नजर आ रही है। महामारी की लहर में सात सात दिन के सायकल होते हैं। यानी इस दौरान लहर का ऊंचा उठना या गिरना चलता रहता है। इसलिए मुझे प्रदेश के आंकड़ों और अभी मिल रहे संक्रमितों की तादाद के लिहाज से लगता है कि आने वाले 20 अप्रैल तक इस लहर का पीक आ सकता है। पीक यानी उस दिन बहुत ज्यादा केस आ सकते हैं। दूसरी लहर के पीक यानी 20 अप्रैल के बाद धीरे धीरे कोरोना के केस भी कम होने लगेंगे। जैसा कि अब तक किसी भी महामारी में पीक के बाद की स्थितियों का ट्रेंड रहा है।

20 अप्रैल की तारीख ही क्यों? इसकी भी वजह है जैसे कि आप देखेंगे होली के सात दिन बाद संक्रमण का एक चक्र आया, उसमें संक्रमितों ने संक्रमण का फैलाव किया फिर उनसे हुए संक्रमितों के जरिए 7 दिन का फैलाव इसी क्रम में सात सात दिन के ये चक्र 20 अप्रैल तक खत्म हो सकते हैं। हालांकि ऐसे जिले जहां पहले कम केस मिले हैं वहां केस बढ़ सकते हैं। अभी प्रदेश के बहुत से जिलों में लॉकडाउन का दौर है। लॉकडाउन का प्रभाव ज्यादा असरकारी हो इसके लिए मुझे लगता है कि कम से कम एक हफ्ता इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। - भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. आरके पंडा, सदस्य-छत्तीसगढ़ कोरोना कोर कमेटी

देश में दो लाख तक केस, प्रदेश में भी बढ़ेंगे

महामारी की लहर के पीक का सीधा और सरल मतलब है उस वक्त विशेष में बहुत ज्यादा केस का मिलना। ये हर जिले या प्रदेश या दुनिया के देशों के लिए अलग अलग हो सकता है। जैसे रायपुर में दूसरी लहर का पीक राजनांदगांव या दुर्ग से या बस्तर के किसी जिले से अलग होगा। इसी तरह देश में दूसरी लहर का पीक छत्तीसगढ़ या महाराष्ट्र या दिल्ली से अलग होगा। सितंबर में देश में 97 हजार से अधिक केस एक दिन में मिलने लगे थे। छत्तीसगढ़ में भी ये आंकड़ा 3800 के आसपास आ गया था। सितंबर पहली लहर का पीक था। इस साल फरवरी में देश में 8 हजार केस हर दिन मिलने लगे छत्तीसगढ़ में भी केस में इस दौरान कमी आई। ये एक कर्व बना जिसमें सर्वोच्च शिखर के साथ डिक्लाइन यानी कमी भी नजर आई।

पूरे देश में और छत्तीसगढ़ रायपुर या किसी छत्तीसगढ़ के अन्य प्रभावित जिलो में अभी ये दूसरी लहर का दौर है। इसको लेकर अब किसी तरह की शंका नहीं है। दूसरी लहर के इस पूरे दौर को अभी 14 से अधिक दिनों तक और समझने की जरूरत है। क्योंकि पैंडेमिक यानी महामारी का कर्व किस तरह से हमारे सामने आएगा, ये कम से कम दो से तीन हफ्ते के बाद ही समझ आएगा। वैसे लहर का पीक कब आएगा, इसकी कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। इसके लिए वेट एंड वॉच की स्थिति में एक्सपर्ट भी हैं। लेकिन जो आशंकाएं नजर आ रही है, उसमें ये कहा जा सकता है कि हर दिन हमारे देश में 2 लाख केस या इससे भी ज्यादा इस लहर में अभी आ सकते हैं। छत्तीसगढ़ में भी आंकड़ा अभी और भी ज्यादा बढ़ सकता है। -भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. चंद्रकांत लहरिया, जननीति एवं स्वास्थ्य तंत्र विशेषज्ञ

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