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भास्कर पड़ताल:कोरोना का वैरिएंट एन-440 प्रदेश में मिला था मार्च में, इसी से संक्रमण और दहशत

रायपुर5 महीने पहलेलेखक: पीलूराम साहू
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  • यहीं के 5 सैंपल में मार्च में वैरिएंट मिलने की पुष्टि हुई थी
  • वायरस में म्यूटेशन की वजह से आया यह वैरिएंट, 35 दिनों में मिले 4.51 लाख मरीज

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण व मौतों के लिए जानकार डाक्टर अब इस वायर से नए वैरिएंट एन-440 को जिम्मेदार मान रहे हैं। यह वैरिएंट वायरस में म्यूटेशन की वजह से आया है और इसका असर था कि प्रदेश में 35 दिनों में 4.51 लाख मरीज मिले और 5515 मरीजों की मौत हो गई। मरीजों की संख्या एक साल में मिले मरीजों से 229 फीसदी ज्यादा है।

जबकि मौत 232 फीसदी ज्यादा हुई। हालांकि इस दौरान 3.46 लाख मरीज घर और अस्पतालों में ठीक भी हो गए। प्रदेश में मार्च के आखिरी सप्ताह में नया वायरस एन-440 मिलने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की थी। विशेषज्ञों के अनुसार नया वायरस कई गुना संक्रमण बढ़ाता है। इस वायरस के कारण आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र व केरल में तेजी से मरीज बढ़े और मौत भी ज्यादा हुई। भास्कर ने काेराेना से जुड़े एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि प्रदेश में ज्यादा संक्रमण के लिए नया वेरिएंट ही जिम्मेदार है। दरअसल मार्च अंत में नए वायरस मिलने की पुष्टि होने के बाद से ही प्रदेश में मरीजों व मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

प्रदेश में 18 मार्च से मरीज बढ़ने शुरू हुए। पहले दिन 1066 मरीज मिले, जाे बढ़ते हुए 23 अप्रैल काे 17397 तक जा पहुंचा। 23 अप्रैल के बाद मरीजाें की संख्या में कमी आई, क्योंकि राजधानी समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में लॉकडाउन लग गया। 35 दिनों में औसत रोजाना 1288.37 नए संक्रमित मिले। इसकी तुलना में 9887.25 मरीज स्वस्थ हुए। रोज 158 की औसत से मौत हुई। नए मरीजों की तुलना में 77 फीसदी मरीज स्वस्थ हुए। इन दिनों में बसे ज्यादा मरीज रायपुर के साथ दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा में मिले। हालांकि अब रायपुर व दुर्ग जिले में नए मरीजों की संख्या में अच्छी खासी कमी आई है।

डाक्टरों के मुताबिक इसी वजह से 35 दिनों में 4.51 लाख मरीज, 5515 मौत

रायपुर में 80723 मरीज,1708 मौत
1 अप्रैल से 5 मई तक रायपुर में 80723 नए मरीज मिले। 74230 मरीज स्वस्थ हुए और 1708 मरीजों ने कोरोना से जान गंवाई। रोजाना औसत 2306.37 मरीज मिले। 2121 मरीज स्वस्थ हुए। जबकि 49 की औसत से रोजाना मरीजों की जान गई। नए मरीजों की तुलना में 92 फीसदी संक्रमित ठीक हुए, जो अच्छा आंकड़ा है।

आंध्र में 33% सैंपलों में यही वायरस
आंध्रप्रदेश में तो 33 फीसदी सैंपलों की रिपोर्ट में यही नया वेरिएंट मिला था। केरल में 123 व तेलंगाना के 53 सैंपल में नया वेरिएंट का वायरस मिला। केरल के 14 जिलों में 2032 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 11 जिलों में 123 सैंपल में नए वेरिएंट मिले थे। प्रदेश में 5 सैंपलों में नया वायरस मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। पहले इस वायरस से खतरा नहीं होने की बात कही थी।

इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है एन-440 वैरिएंट
केंद्र सरकार ने पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के 5 नमूनों में N-440 नाम के नए वैरिएंट की मौजूदगी की रिपोर्ट दी थी। प्रदेश में अब तक ब्रिटिश वैरिएंट, साउथ अफ्रीकन वैरिएंट और ब्राजीलियन वैरिएंट का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अंदेशा जताया गया था कि नया वैरिएंट शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करने में सक्षम है। इसे N-440 नाम दिया गया है।

संक्रमण-मौतों का कारण नया वैरिएंट : डॉ. पंडा
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के लिए वायरस के नए वैरिएंट एन-440 को जिम्मेदार कह सकते हैं। इस दौरान तेजी से संक्रमण बढ़ा और मरीजों की मौत भी हुई। अच्छी बात ये रही कि लॉकडाउन में वायरस का असर कम हुआ। इस कारण मरीज कम हुए हैं।
-डॉ. आरके पंडा, सदस्य कोरोना कोर कमेटी

म्यूटेशन से खतरा और राहत दोनों : डॉ. नेरल
वायरस का म्यूटेशन खतरनाक भी हो सकता है, और इसका असर भी कम हो सकता है। बढ़ते मरीज व मौत के लिए नया वायरस कितना जिम्मेदार है, यह रिसर्च का विषय है। पर बढ़ते मरीजों व मौत का ट्रेंड यही बता रहा है कि नए वैरिएंट से ऐसा हुअा होगा।
-डॉ. अरविंद नेरल, सीनियर वायरोलॉजिस्ट

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