कर्मवीर के साहस को सलाम:देवेंद्रनगर मुक्तिधाम में सुबह 6 से रात 10 बजे तक निगमकर्मी जुटे अंतिम संस्कार में

रायपुर6 महीने पहले
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कोरोना महामारी के इस बुरे दौर में नगर निगम के कर्मचारी 14-15 घंटे की ड्यूटी निभाकर कोविड बॉडी का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। इस महामारी में लोग अपनों से दूर रहने को मजबूर हैं। बीमारी के कारण शवों के नजदीक भी नहीं जा सकते लेकिन निगम के ये कर्मचारी न केवल शवों को उठा रहे हैं बल्कि विधिवत उनका अंतिम संस्कार भी कर रहे हैं।

शहर के देवेंद्र नगर मुक्तिधाम में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक कोविड शव जलाए जा रहे हैं। जोन-2 ने देवेंद्र नगर मुक्तिधाम को कोरोना से होने वाली मौतों के अंतिम संस्कार के लिए आरक्षित किया है। यहां सामान्य शव भी जलाए जा रहे हैं, लेकिन कोरोना बॉडी के लिए निगम ने 8 कर्मचारी नियुक्त किए हैं। अस्पतालों से आने वाले एंबुलेंस उन्हें बॉडी सौंप देते हैं। निगम की ओर से कर्मचारियों को पीपीई किट दिए गए हैं। जोन 2 के ईई विनोद देवांगन ने बताया कि लगातार शव आने पर वे एक ही पीपीई किट में शवों का अंतिम संस्कार करते हैं।

पानी पिलाते हैं, वैक्सीनेशन भी करवा रहे

महादेवघाट मुक्तिधाम में युवा पहल के सदस्य शोकाकुल परिजनों को पानी पिला रहे हैं, यहीं पर रोज वैक्सीनेशन भी करवा रहे हैं। संस्था के फाउंडर राहुल शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था के दिव्यांग सदस्य भी लाेगों काे पानी बांट रहे हैं। आर्थिक रुप से अक्षम लोगों को शव वाहन उपलब्ध करवाने के साथ ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी करवाई जाती है। इस काम में चंद्रनारायण, राजेश साहू, नवीन चतुर्वेदी, कर्ण पटेल आदि पिछले एक साल से जुटे हैं।

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