टीके का टेंशन:शहर में फिर कोवैक्सीन की किल्लत, बड़े केंद्रों में भी नहीं

रायपुर2 महीने पहले
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हफ्ते की शुरुआत में राजधानी को मिले 65 हजार टीके का स्टॉक अब खत्म होने की कगार पर है। सबसे ज्यादा किल्लत कोवैक्सीन टीके की आ रही है। रायपुर शहर के अधिकांश टीकाकरण केंद्रों में कोवैक्सीन की सप्लाई नहीं हो रही है। वहीं नेहरु मेडिकल कॉलेज से बड़े वैक्सीन सेंटर में आम लोगों को कोवैक्सीन का टीका पहले या दूसरे डोज के रूप में नहीं मिल रहा है।

इस केंद्र में वैक्सीनेशन में एक बार फिर वीआईपी सिस्टम लागू कर दिया गया है। जिसके कारण आम आदमी को कोवैक्सीन के डोज नहीं मिल पा रहे हैं। वीआईपी सिस्टम से खास लोगों के लिए सेंटर में कोवैक्सीन के टीके सुबह की रिजर्व कर दिए जा रहे हैं। पिछले सात दिन में यहां 200 से अधिक कोवैक्सीन टीके लग चुके हैं। जबकि हर दिन सप्लाई शेड्यूल में इस सेंटर में कोवैक्सीन का डोज ही नहीं दर्शाया जा रहा है। ऑनलाइन सिस्टम से स्लॉट बुक करने वालों को इस केंद्र में कोवैक्सीन का टीका नहीं मिल पा रहा है। जबकि ऑफलाइन सिस्टम से गुपचुप तरीके से टीके लगाए जा रहे हैं। शनिवार को पूरे जिले में केवल 840 डोज ही कोवैक्सीन की सप्लाई की गई। जिसमें शहर से ज्यादा आउटर के इलाकों में इस टीके की खेप भेजी गई। राजधानी को करीब 13 हजार डोज कोवैक्सीन मिली है। औसतन हर दिन एक हजार से टीके लगाए जा रहे हैं। इस लिहाज से देखें तो अभी जिले के स्टॉक में करीब सात हजार डोज बचे हैं।

कोवैक्सीन लगवाने वालों की संख्या ज्यादा
भास्कर पड़ताल में पता चला है कि जून के अंतिम हफ्ते और जुलाई की शुरुआत में शहर में सर्वाधिक टीके पहले डोज के रूप में को‌वैक्सीन के ही लगाए गए हैं। जुलाई के पहले हफ्ते में इस टीके के 10 हजार से अधिक डोज लगे हैं। इसलिए अधिकांश लोगों की दूसरे डोज की बारी आ गई है। शहर के केंद्रों में टीके सप्लाई नहीं होने से लोगों को दूसरे डोज के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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