साइबर गुरु मनोज सारू की क्लास:मोबाइल रीसेल करने से पहले डाटा मैन्युअली डिलीट करें, नहीं होगा रिकवर; एडल्ट साइट्स का सब्सक्रिप्शन बड़ा खतरा

रायपुर19 दिन पहले
साइबर एक्सपर्ट मनोज सारू ने YMS यूथ फाउंडेशन की तरफ से आयोजित वर्चुअल वर्कशॉप में यूथ को दी जानकारी।

दिल्ली के साइबर एक्सपर्ट मनोज सारू ने रायपुर के यंगस्टर्स की क्लास ली। वर्चुअल मोड डिस्कशन में शामिल हुए मनोज ने मोबाइल और इंटरनेट से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां यूथ को दीं। YMS यूथ फाउंडेशन की तरफ से गुरुवार शाम अवंति विहार स्थित कार्यालय में इस वर्चुअल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि लोग फॉर्मेट करके अपना मोबाइल फोन रीसेल करते हैं।

ऐसे कई ऐसे गैंग सक्रिय हैं जो कुछ खास सॉफ्टवेयर से लोगों का पर्सनल डाटा पुराने मोबाइल से कलेक्ट कर इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इस तरह लोगों की प्राइवेट फोटो वीडियो का गलत इस्तेमाल होता है। लोगों की बैंक डिटेल भी आसानी से रिकवर हो जाती है। इन जानकारियों का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड में होता है।

फोन बेचने से पहले करें यह काम
मनोज ने बताया कि फोन बेचने से पहले उसे सिर्फ फॉर्मेट करना ही काफी नहीं हैं। कुछ टिप्स को फॉलो करें तो आपके फोन का डिलीट डेटा रिकवर नहीं होगा। इसके लिए फोन के सभी डेटा का बैकअप लेकर दूसरे फोन में सेव करें। इसके बाद फोन का डेटा मैनुअली डिलीट करें, इसमें वक्त लगेगा मगर ये जरूरी प्रक्रिया है। अपने कॉन्टैक्ट को गूगल से सिंक करें।

फोन की सेटिंग्स पर गूगल अकाउंट पर क्लिक करें यहां कॉन्टैक्ट का विकल्प मिलेगा इसे क्लिक करते ही आपके नंबर गूगल अकाउंट में सेव हो जाएंगे, फिर फोन से इन नंबर को भी डिलीट करें। सब कुछ डिलीट करने के बाद गूगल प्ले स्टोर से फाइल ओवर राइट एप इंस्टॉल करें। इस एप में फाइल ओवर राइट करने के विकल्प को चुनें। इस प्रक्रिया के बाद फोन को फॉर्मेट करें। इस तरह आपका डेटा दुबारा रिकवर नहीं किया जा सकेगा।

एडल्ट साइट का सब्सक्रिप्शन महंगा पड़ेगा
मनोज ने बताया कि कई बार आकर्षित होकर युवा एडल्ट वेबसाइट का सब्सक्रिप्शन लेते हैं। इसमें यूजर अपनी बैंक डिटेल इन साइट्स के फॉर्म्स में डिजिटली फिलअप करते हैं। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। ऐसा करने पर कई बार यह देखा गया है कि कुछ हैकर्स एडल्ट वेबसाइट का फ्रेम तैयार करते हैं। यानी की ऐसा पेज जो असल में वेबसाइट ही नहीं होता वह सिर्फ आपकी बैंक डिटेल हासिल करने के लिए तैयार किया गया होता है। जैसे ही इस इस तरह की साइट पर लोग अपनी डिटेल्स अपलोड करते हैं।

यह जानकारी हैकर तक पहुंचती है और इसके बाद लोग ऑनलाइन बैंक फ्रॉड का शिकार होते हैं। ऐसा कई शॉपिंग वेबसाइट में जानकारी अपलोड करने के बाद हो चुका है। इसलिए एडल्ट साइट्स के आर्कषक जाल में न फंसें। शॉपिंग भी अधिकृत वेबसाइट से करें। कई बार 1 लाख में मिलने वाले स्मार्ट फोन 20 हजार में देने का ऑफर दिखाकर लोगों को ठगा जाता है।

YMS यूथ फाउंडेशन के महेंद्र होरा ने बताया कि युवाओं के बीच इस तरह की समस्याओं पर डिस्कस के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मनोज को इसके लिए रायपुर आमंत्रित किया गया था मगर कुछ पर्सनल कारणों से वो रायपुर नहीं आ सके इसलिए वर्चुअली इसे टेक डिस्कस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस तरह के पोस्टर रायपुर पुलिस साझा कर रही है।
इस तरह के पोस्टर रायपुर पुलिस साझा कर रही है।

रायपुर पुलिस की अपील सतर्क रहें
ऑनलाइन ठगी में सेना के नाम का इस्तेमाल हो रहा है। इसे लेकर रायपुर की पुलिस भी लोगों को जागरुक कर रही है। पिछले करीब 1 से डेढ़ साल में टेलीफोन के जरिए होने वाली डिजीटल ठगी के मामले बढ़े हैं। छत्तीसगढ़ में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें ठग ने खुद को आर्मी का जवान बताया है। पुलिस ने भी कई गिरोह के लोगों को गिरफ्तार करने के बाद उनके पास से आर्मी के फर्जी आई कार्ड वगैरह बरामद किए हैं। भारतीय सेना का नाम लेने की वजह से लोग अक्सर ठगों पर भरोसा कर लेते हैं। रायपुर पुलिस ने ऐसे फेक कॉलर्स से बचकर रहने की अपील की है।

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