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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से लबालब हुए डैम:हसदेव और बांगो बांध के गेट खोलने पड़े, कोरबा-बिलासपुर में बाढ़ के हालात, GPM में कई गांव बने टापू; बेमेतरा में मकान ढहने से नानी-नातिन की मौत

रायपुर4 महीने पहले
कोरबा के राताखर दर्री रोड के पुल से हसदेव नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है।

पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। भारी बारिश से कई बांध लबालब भर चुके हैं। डैम से नदियों में पानी छोड़ा गया तो बाढ़ आ गई। हसदेव बराज और मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोल दिए गए हैं। बाढ़ की वजह से रास्ते बंद हो गए। बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया। वहीं जान-माल के नुकसान की भी खबरे हैं। बेमेतरा में मकान ढहने से एक बुजुर्ग महिला और उसके नातिन की मौत हो गई है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में नाले में बह गए एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज से अधिकतर जिलों में मौसम खुल जाएगा। कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम स्तर की बरसात हो सकती है।

पेण्ड्रा इलाके में नदी-नालों के तेज बहाव ने रास्ता रोक दिया है।
पेण्ड्रा इलाके में नदी-नालों के तेज बहाव ने रास्ता रोक दिया है।

कोरबा जिले के पाली, पोड़ी उपरोड़ा और ऊपरी इलाके में हो रही झमाझम बारिश का सीधा असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। सभी नदी नाले उफान पर है। हसदेव बराज का जलस्तर खतरे का निशान पार कर गया है। जिसके चलते बुधवार सुबह इसका एक गेट 12 फीट तक खोलना पड़ा था। जलभराव के बढ़ने के कारण 24 घंटे के अंदर ही आज सुबह 7.45 बजे हसदेव बैराज का 7 नंबर गेट भी 12 फीट तक खोल दिया गया। दोनों गेट से करीब साढ़े 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे हसदेव नदी के निचले हिस्से में बाढ़ आ गई है। प्रशासन ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

93 प्रतिशत भर गया बांगो बांध, तीन गेट खोलने पड़े

कोरबा में मिनीमाता बांगो बांध में जलभराव 358 मीटर तक हो गया है। बांध में क्षमता का 93 प्रतिशत से अधिक पानी जमा हो गया है। जलभराव का सिलसिला अब भी जारी है। इसकी वजह से बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं। इससे लगभग 15 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। बांध से 9 हजार क्यूसेक पानी जल विद्युत संयंत्र को भी लगातार दिया जा रहा है। जल विद्युत संयंत्र में जलापूर्ति और तीन गेट खोलकर छोड़े गए पानी को मिलाकर आज दोपहर को बांध से लगभग 24 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। यह पानी रात तक हसदेव बराज पहुंच जाएगा। ऐसे में हसदेव बराज के दूसरे गेट भी खोलने पड़ सकते हैं। नदी के निचले क्षेत्रों में गांवों को सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने मुनादी कराई है।

लबालब हो चुके मिनीमाता बांगो बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं।
लबालब हो चुके मिनीमाता बांगो बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं।

दो दिन में एक मीटर अधिक हुआ गंगरेल का जलस्तर

धमतरी जिले में महानदी पर बना गंगरेल स्थित रविशंकर सागर बांध लगातार भर रहा है। 14 सितम्बर को बांध में 317 लाख घन मीटर पानी था। उस दिन जलस्तर 344.53 मीटर था। उस दिन 12 हजार घन फीट पानी प्रति सेकंड की दर से बढ़ रहा था। आज रविशंकर सागर में 484 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है। वहीं जल स्तर 345.38 मीटर पहुंच चुका है। बांध अपनी क्षमता का 63 प्रतिशत भर चुका है। खारंग और मनियारी बांध 100 प्रतिशत भर चुके हैं। सिकासार 84 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली बांध में 80 प्रतिशत पानी भर चुका है। सबसे कम पानी अरपा-भैंसाझार में है। वह बांध अपनी कुल क्षमता का 1.04 प्रतिशत ही भर पाया है।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में कई गांव टापू बन गए
पेण्ड्रा इलाके में पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश जारी है। इसकी वजह से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। यहां अरपा, सोन, तिपान, ऐलान, बम्हनी, जावस, मलनिया सहित अमरावती गंगा नदी और बरसाती नदी नाले उफान पर हैं। जिसके चलते दुर्गाधारा के रास्ते अमरकंटक जाने वाला मार्ग, पेंड्रा से बस्तीबगरा जाने वाला मार्ग, गौरेला से सधवानी जाने वाला मार्ग, सिवनी से मरवाही और रटगा से मरवाही जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। पेंड्रा से बिलासपुर जाने वाले तीन रास्तों में से केवल एक पर आवागमन शुरू हो सका है।

नाले में बह गए व्यक्ति की तलाश करती SDRF की टीम।
नाले में बह गए व्यक्ति की तलाश करती SDRF की टीम।

नाले में बह गए ग्रामीण का शव मिला
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गांव लरकेनी करशिवा के बीच हथकड़ी नाला पुल को पार कर रहे बंधन सिंह बंधु तेज धारा से बह गए थे। थोड़ी देर पहले ही SDRF ने उनका शव बरामद किया है । वह पुल से थोड़ी दूर तक झाड़ियों में फंसकर डूबा हुआ था। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति में ऐसी जगहों से दूर रहने को कहा है। बच्चों को नदी, नाला, तालाब, कुएं से दूर रखने की हिदायत दी गई है।

बेमेतरा में मकान ढहने से नानी-नातिन की मौत

बेमेतरा में मारो पुलिस चौकी के निकट खेड़ा गांव में तेज बारिश की वजह से बीती रात कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। इस दुर्घटना में एक 80 वर्षीय महिला धनैया बाई यादव और उनकी नातिन 20 वर्षीय ईश्वरी यादव की मौके पर ही मौत हो गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मकानों को ढहने अथवा क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं मिल रही हैं। खरीफ की फसल को भी बड़ा नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन बाढ़ उतरने के बाद ही होगा।

गरियाबंद-शिवरीनारायण में बाढ़ का जोर कम हुआ
गरियाबंद-महासमुंद, जांजगीर-चांपा और उससे लगे इलाकों में कल से बारिश कमजोर हुई है। इसकी वजह से नदी-नालों की बाढ़ भी उतार पर है। रायपुर-गरियाबंद के बीच हाईवे से पानी उतरने के बाद उसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। शिवरीनारायण में भी पुल से पानी हटने के बाद जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार के बीच का यातायात शुरू कर दिया गया है। इस बीच गरियाबंद जिले के कघुटकू नवापारा गांव का पहुंच मार्ग बह गया है। 800 की आबादी वाले गांव में आवाजाही की एकमात्र सड़क थी। इसकी वजह से गांव से आवागमन ठप्प हो चुका है।

हसदेव नदी के किनारे बसे सीतामढ़ी गांव के घरों में पानी घुस गया है।
हसदेव नदी के किनारे बसे सीतामढ़ी गांव के घरों में पानी घुस गया है।

सरगुजा-बिलासपुर संभागों में अभी बारिश होगी
मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि आज सरगुजा और बिलासपुर संभागों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। मध्य छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश का जोर कम होगा। रायगढ़ जिले के कई इलाकों में बारिश चेतावनी है। जबकि रायपुर-दुर्ग और बस्तर संभागों के अधिकांश जिलों में हल्की बरसात की संभावना जताई जा रही है। 17 सितम्बर को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, बस्तर और कोण्डागांव में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होगी। बाकी जिलों में भी कुछ जगहों पर बरसात की संभावना जताई गई है।

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