मौसम में बदलाव:प्रदेश में घने बादल, बारिश-ओलों के आसार, इसका खुले पड़े धान पर असर

रायपुर5 महीने पहले
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हरियाणा से विदर्भ तक अलग-अलग सिस्टम के असर से प्रदेश में हवा की दिशा बदली है। उत्तर की ठंडी हवा के बदले दक्षिण से नम हवा आ रही है। इस वजह से सोमवार को पूरे प्रदेश में गहरे बादल छा गए और 28-29 दिसंबर को कई जगह बारिश तथा एक-दो जगह ओले के आसार हैं। बदले मौसम का असर यह हुआ है कि पूरे प्रदेश में रात की ठंड कम हो गई है, पारा 4-5 डिग्री तक चढ़ गया है।

इस बीच, बारिश की आशंका ने धान खरीदी में लगी सरकारी एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि पिछले 27 दिन में 50 लाख टन धान सरकार खरीद चुकी है, जिसमें से अधिकांश खुले में पड़ा है। बारिश से अंकुरित होकर पूरा धान बर्बाद होने की आशंका है। यही नहीं, कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने सब्जियों को भी नुकसान का अंदेशा जाहिर किया है। प्रदेश में 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू हो गई है और करीब 27 दिनों में 50 लाख टन से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है। ये अभी सहकारी समितियों के खरीदी और संग्रहण केंद्रों में रखा हुआ है।

मीलिंग के लिए धान का उठाव शुरू हो गया है पर फिर भी लाखों टन धान खरीदी केंद्रों में पड़ा हुआ है। बारिश और ओले गिरने से सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर संभाग और बस्तर में भी कहीं-कहीं पर बारिश होने और ओले गिरने की संभावना है। हालांकि खरीदी केंद्रों में तालपत्री इत्यादि की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है लेकिन जानकारों का कहना है कि इसके बावजूद पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बड़ी मात्रा में धान को भीगने से बचाया जाना मुश्किल होता है। खरीदे गए धान के भीगने पर शासन को नुकसान होता है, क्योंकि उससे अच्छी क्वालिटी का चावल नहीं मिल पाता। किसानों का धान भीग जाए तो शासन समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदता। इंदिरा गांधी कृषि विवि के कृषि मौसम विज्ञानी डा. जीके दास के अनुसार धान के अलावा सब्जियों को काफी नुकसान होगा। ओले गिरने से टमाटर, गोभी, भटा सहित दूसरी सभी सब्जियों को नुकसान होगा। उनमें कीड़ने लग सकते हैं।

रायपुर समेत प्रदेशभर में रविवार रात का तापमान बढ़ गया और ज्यादातर जगह 13 से 15 डिग्री के बीच रिकार्ड किया गया। सोमवार को भी रात में ठंड कम रही। बादलों के असर से अगले दो दिनों तक रात के तापमान में वृद्धि रहेगी। हालांकि बादलों के कारण दिन के तापमान में दो-तीन डिग्री की कमी भी बनी रहेगी। उत्तर हरियाणा और उसके आसपास पश्चिमी विक्षोभ है। ऊपरी हवा में चक्रवात भी है। उत्तर-पूर्व राजस्थान से पश्चिम मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ एक द्रोणिका बनी हुई है। इन सिस्टम के असर से ही प्रदेश में 28 को बिलासपुर, सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने, गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने और ओले गिरने की संभावना है। कबीरधाम, बेमेतरा, बिलासपुर, मुंगेली, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा में ओले गिर सकते हैं। 29 को भी प्रदेश के उत्तर, पश्चिमी और मध्य तथा कुछ दक्षिणी हिस्से में बारिश होने की संभावना है।

डाक्टरी सलाह; भीगने से बचें, गुनगुना पानी लें सर्दी-खांसी में भाप तुरंत जरूरी
अंबेडकर अस्पताल में शिशुरोग की एचओडी डा. शारजा फुलझेले और कोरोना कोर कमेटी के सदस्य डा. आरके पंडा के अनुसार अचानक ठंड कम होने का असर सीधे सेहत पर पड़ेगा। सर्दी-खांसी के मरीज बढ़ेंगे। बारिश-ओले या तीन-चार दिन घने बादल रहने से हालात और बिगड़ सकते हैं। खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्गों को जुकाम से बचना होगा। इस मौसम में भीगने से बचना बेहद जरूरी है। बच्चों और बुजुर्ग को गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर सर्दी-खांसी हो तो भाप लेनी चाहिए।

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