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दिवाली से पहले जगमग हुआ माता कौशल्या मंदिर:भगवान राम की ननिहाल में जलाए 31 हजार दीये, पूजा-अर्चना के साथ गूंजा-सियावर राम चंद्र की जय

रायपुर3 महीने पहले

भगवान राम की ननिहाल चंदखुरी में दिवाली से पहले दिवाली मना ली गई। दिवाली की पूर्व संध्या पर माता कौशल्या के मंदिर में 31 हजार दीये जलाए गए। इसके लिये भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के साथ राजीव युवा मितान क्लब के लोग मंदिर परिसर पहुंचे थे। पिछले तीन साल से दिवाली के दिन हमर राम सांस्कृतिक समिति वहां दीपदान करती रही है।

"हमर राम' सांस्कृतिक समिति के संयोजक आर.पी. सिंह ने बताया, इस बार दिवाली की पूर्व संध्या पर माता कौशल्या के मंदिर को 31 हजार दीयों से सजाया जा रहा है। शाम को 6.45 बजे मंदिर की संध्या आरती संपन्न हो जाने के बाद दीपदान की प्रक्रिया शुरू हुई। इससे पहले राजीव युवा मितान क्लब के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मंदिर में दीप सजाये।

मंदिर परिसर को रंगोली से भी सजाया गया।
मंदिर परिसर को रंगोली से भी सजाया गया।

गांव के लोग और रायपुर के भी श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। आरती संपन्न होते ही सभी ने दीप जलाकर रोशनी की। उसी के साथ आतीशबाजी भी शुरू हुई। मंदिर समिति ने बिजली की राेशनी से भी परिसर को सजा रखा था। वहां पहुंचे लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। महाआरती में शामिल हुए। मंदिर परिसर सियावर रामचंद्र की जय के घोष से देर तक गूंजता रहा।

दीपोत्सव में विधायक देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
दीपोत्सव में विधायक देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

पिछले साल हमर राम समिति ने दिवाली पर यहां 36 हजार दीप जलाये थे। इसको छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों की ओर से 100-100 दीपों की प्रतीकात्मक माला बताया गया था। इस बार इस उत्सव को एक दिन पहले ही किया जा रहा है। उत्सव से पहले राजीव युवा मितान क्लब ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई भी की है।

मंदिर के गर्भगृह को भी फूलों से सजाया गया था।
मंदिर के गर्भगृह को भी फूलों से सजाया गया था।

माता कौशल्या का एकमात्र मंदिर

रायपुर से करीब 20 किमी दूर स्थित चंदखुरी को प्राचीन कौशल की राजधानी माना जाता है। यहां भगवान राम की माता कौशल्या का एक प्राचीन मंदिर है। इसमें भगवान राम माता कौशल्या की गोद में बैठे दिखाए गए हैं। यह पूरी दुनिया में भगवान राम की माता को समर्पित एकमात्र मंदिर माना जाता है।

वहां पहुंचे लोग माता कौशल्या और रामलला की महाआरती में भी शामिल हुए।
वहां पहुंचे लोग माता कौशल्या और रामलला की महाआरती में भी शामिल हुए।

पिछले साल ही मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा हुआ

राज्य सरकार ने राम वनगमन पथ पर्यटन सर्किट के तहत माता कौशल्या मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा किया है। इसपर 15 करोड़ रुपए की लागत आई है। पिछले साल 8 अक्टूबर को इसका लोकार्पण हुआ। इस दौरान तीन दिनों का भव्य उत्सव हुआ था।

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