जन संकल्प से हारेगा कोरोना:दोनों डोज के बाद डॉक्टर दंपती पॉजिटिव, सिर्फ सावधानी से जीता पूरा परिवार

रायपुर6 महीने पहले
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  • गंभीर कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वालों की जांबाज कहानियांं
  • पढ़िए आज चौथी कड़ी-घर के काम में एक-दूसरे का हाथ बंटाया, मिलजुलकर लड़ी कोरोना की लड़ाई

मैं और मेरी पत्नी एक बड़े निजी अस्पताल में डॉक्टर हैं। हमें 8 मार्च को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। फिर भी हम दोनों व साथ में 30 वर्षीय बेटी व 24 वर्षीय बेटा भी कोरोना से संक्रमित हो गए। हम सभी एक-दूसरे की मदद कर कोरोना को मात दिए हैं। परिवार में हम 4 लोग ही हैं। सभी घरेलू काम निपटाते हुए ठीक हुए हैं। यह कहना है राजधानी के डॉ. ल्यूनिक यदु व डॉ. निशा यदु का।

एक दिन हल्का बुखार आया। पत्नी को भी आया। बाद में बेटे व बेटी को भी यही लक्षण दिखा। जांच कराने पर चारों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हम घबराए नहीं, क्योंकि वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी। हालांकि बेटे व बेटी को वैक्सीन नहीं लगी है, लेकिन हम डॉक्टर होने के नाते वैक्सीन का महत्व समझ रहे थे। हम जानते थे कि वैक्सीन के कारण गंभीर नहीं होंगे।

बेटी-बेटा भी हल्के लक्षण वाले रहे। लोगांे से मेरा एक ही कहना है कि पात्र हैं तो वैक्सीन लगाने में देरी न करें। अफवाहों पर ध्यान न दें। हम चारों में हल्के लक्षण इसलिए हैं, क्योंकि हम पति-पत्नी को वैक्सीन लग चुकी है। काेराेना कहीं से भी हाे सकता है। ड्यूटी के दौरान हम डबल मॉस्क पहनते थे। ऑनलाइन कंसल्टेंट भी कर रहे थे। पर हो सकता है कि सब्जी वाले, कामवाली बाई या किसी दूसरे से वायरस आया हो।

लॉकडाउन में हम घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं। इसके बावजूद कोरोना हो गया तो इससे लड़ भी रहे हैं। परिवार के चारों सदस्यों को कोरोना होने से अचानक लगा कि आखिर घर का काम कौन करेगा? कामवाली बाई को भी नहीं बुला सकते। ऐसे में हम सभी ने तय कर लिया कि सभी काम मिलजुल कर करेंगे। ऐसा किए भी। सभी के सहयोग हम कब ठीक हो गए पता ही नहीं चला।

होम आइसोलेशन में रहने का यह भी फायदा हुआ कि हमने ताश, लूडो और कैरम खेलकर अपना समय गुजार लिया। किसी को कोई टेंशन नहीं हुई। अच्छी बात यह रही कि हमारे साथ-साथ बेटा-बेटी भी अब स्वस्थ हो गए हैं। बेटी वर्क फ्रम होम कर रही है। हो सकता है, वह हमसे संक्रमित हुई हो, बेटा का भी ऐसा हो सकता है। सभी ने होम आइसोलेशन का खूब आनंद लिया। किसी को बिलकुल भी तनाव नहीं रहा। कोरोना को हराना आसान है। अगर हम तनाव से मुक्त हों तो इसे आसानी से हराया जा सकता है। मैं लोगों को यही संदेश देना चाहूंगा कि जितनी बतायी और समझायी जा रही है, उतनी सावधानी बरतें।

नियमित रूप से मास्क और सेनिटाइजर का उपयोग करें। बाहर निकलना जरूरी हो तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इसके बाद भी अगर संक्रमित हो जाएं तो घबराएं बिलकुल भी नहीं। डॉक्टर से सलाह लें। उनके द्वारा बताई गई दवाएं लें। संक्रमित होने के बाद घर में नियमित एक्सरसाइज करें। ताकि फिजिकल फिटनेस बना रहे। हमारे परिवार ने एकजुट होकर हिम्मत से कोरोना को मात दी है। जो भी संक्रमित हो चुके हैं, वे कोरोना को हरा सकते हैं। डाक्टरी से नियमित संपर्क जरूरी है।

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