400 मीटर उड़ता है डेंगू वाला मच्छर:डंक सुबह से शाम के बीच डॉक्टरों का अलर्ट, दिन में फुल शर्ट पहनें, 7 दिन का पानी फेंक दें

रायपुर3 महीने पहले
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राजधानी में गुरुवार को डेंगू के 5 नए मरीज और मिल गए हैं। पिछले एक हफ्ते से नए मरीज कम मिल रहे थे, इसलिए डाक्टरों ने डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छरों से सावधानी बरतने की एडवायजरी जारी कर दी है। इसके मुताबिक छतों-कूलरों तथा पुराने टायरों में जमा पानी में एडिस मच्छर ज्यादा पैदा हो रहे हैं। पानी सात दिन से ज्यादा नहीं भरा होना चाहिए, क्योंकि डेंगू का लार्वा 10 दिन में वयस्क होकर उड़ता हुआ 400 मीटर दूर तक जा सकता है।

डाक्टरों ने सलााह दी है कि यह सुबह से सूर्यास्त के पहले तक काटता है। खासकर कोहनी, हाथ और घुटनों के पीछे। इसलिए अभी शहर में दिन में फुल शर्ट और पैंट पहनना बेहतर है। यही नहीं, घर में कहीं भी अगर पानी सात दिन तक जमा है तो उसे तुरंत खाली कर दें, ताकि डेंगू का लार्वा हो भी तो वह मर जाए। राजधानी में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 392 हो गई है। रोजाना केस मिल रहे हैं, इसलिए डाक्टरों का फोकस इस बात पर है कि डेंगू के मच्छर को लार्वा रहते समय ही खत्म करना आसान है। रायपुर मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. निर्मल वर्मा व रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आरके पंडा का कहना है कि एडिस मच्छर का लार्वा साफ जमा पानी में 10 दिनों में वयस्क हो जाता है। यही डेंगू फैलाने लायक रहता है। इसलिए अगर साफ पानी पर किसी भी जगह हफ्तेभर तक जमा हो तो वहां डेंगू मच्छर के लार्वा पनपने के चांस बहुत अधिक रहते हैं। इसलिए ऐसे सभी स्त्रोतों को या तो खाली करें, केमिकल या पानी का पृष्ठ तनाव खत्म करने के लिए थोड़ा मिट्टी तेल छिड़क दें, ताकि लार्वा डूबकर मर जाए। इससे डेंगू का खतरा शत-प्रतिशत कम हो जाएगा।

शहर के हर इलाके से मरीज
राजधानी में गुरुवार को डेंगू के 5 नए मरीज मिले हैं, जो चंगोराभाठा, गांधीनगर पंडरी (2), दिव्यानगर व माना कैंप के रहने वाले हैं। हालांकि अब शहर का कोई ऐसा इलाका नहीं बचा है, जहां डेंगू के मरीज नहीं मिले हों। गुढ़ियारी के जिन हिस्सों में डेंगू के ज्यादा मरीज मिल रहे थे, वहां हालात काबू में हैं लेकिन नए इलाकों में इक्का-दुक्का मरीज मिल ही रहे हैं। ज्यादातर मरीजों को जिला अस्पताल पंडरी में भर्ती किया जा रहा है। ।

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