हर दिन 500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ:होम आइसोलेशन के मरीजों को दिन में चार फोन कर रहे डॉक्टर

रायपुर7 महीने पहले
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होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना इलाज करवा रहे लोगों की मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन ने डॉक्टरों की संख्या बढ़ा दी है। ऐसे सभी मरीजों को हर दिन तीन से चार बार फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। ऐसे मरीजों की इमरजेंसी में किसी भी तरह की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम भी शुरू हो गया है। इसके अलावा कोरोना लक्षण या कोरोना मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान के लिए हर दिन 500 से ज्यादा कॉल किए जा रहे हैं। ऐसे लोगों को ट्रेस कर उनकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है।

राजधानी में अभी इस तरह के केस बढ़ गए हैं जो होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे थे लेकिन ज्यादा तबीयत बिगड़ने के बाद ही अस्पताल गए। इस वजह से उनकी मौत हो गई। होम आइसोलेशन से अस्पताल जाकर इलाज कराने वाले मरीजों की मौतों का आंकड़ा बढ़ने के बाद ही फैसला किया गया है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों का इलाज करने वाले डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए। शहर के प्रमुख डॉक्टरों की ओर से भी लगातार इस बात की घोषणा की जा रही है कि वे होम आइसोलेशन में रहकर अपने स्वास्थ्य का गंभीरता से ध्यान रखें। कोरोना मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान करने अब कांटेक्ट ट्रेसिंग दल टीम की ओर से लगातार फोन कॉल किए जा रहे हैं।

हर दिन 500 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा रही है। न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन में कंट्रोल रूम के बाद अब रविवार से नालंदा परिसर में भी नया कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करने लगा है। अपर कलेक्टर और नोडल अधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि कोरोना पाजीटिव आए लोगों से उनके संपर्क में आए कम से कम 20 लोगों से पूछताछ की जा रही है। कोरोना टेस्टिंग के दौरान लोग अभी अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। इस वजह से अभी भी ऐसे लोगों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर करने की चेतावनी देने के बाद गलत जानकारी देने का सिलसिला जारी है।

किसी भी तरह की मदद के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को किसी भी तरह की समस्या आती है तो वे कंट्रोल रूम के फोन नंबर 7880100313, 7880100314, 7880100315, 7566100284, 7566100283 और 7566100285 पर कॉल किया जा सकता है। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की तबियत बिगड़ती है तो उन्हें किसी भी समय एंबुलेंस में अस्पताल पहुंचाया जाएगा। एबुलेंस के लिए मरीज या उनके परिवारवाले नोडल अफसर एओ लॉरी 94063-46840 या डीके सिंह 88397-78979 को कॉल कर सकते हैं।

इसके अलावा कंट्रोल रूम में किसी भी तरह की जानकारी के लिए सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक कुंदन सिंह (86760-56184), विक्रम सिंह (91791-13793), शिवेन्द्र सिंह (98930-61946), दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक एचआर देवांगन(83193-82779), अनुभूति देवांगन(86691-22430), सोनल सोनी (88399-24004), प्रकाश दीवान(98271-75990), शाम 6 से रात 12 बजे तक सीएल शर्मा (98279-58846), लोकेश वर्मा ( 9977-451981) और रात 12 से सुबह 6 बजे तक समर अब्बासी (90396-58761) से संपर्क किया जा सकता है।

अभी तक 100 से ज्यादा कंटेनमेंट जोन
राजधानी में लॉकडाउन के बावजूद अभी भी उन जगहों को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। रायपुर जिले में हर दिन औसतन 10 कंटेनमेंट जोन बन रहे हैं। अभी तरह 100 से ज्यादा कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं। रविवार को अफसरों ने 6 और नए कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। शहीद राजीव पांडेय नगर, खुशी वाटिका अमलीडीह, बरडिया विहार राजेंद्र नगर, छपरीद, बीरगांव निगम के वार्ड 2 और शहीद नगर में नया कंटेनमेंट जोन बनाया गया है।

इन सभी जगहों में 5 से ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं। इसके अलावा शहर में अभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम भी घूम रही है। इस टीम में शामिल अफसरों ने दो टूक कहा है कि कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए। जहां कंटेनमेंट जोन बना है वहां से किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति न दी जाए और न ही बाहर से कोई अंदर जाए।

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