• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Double Charge; Municipal Corporation Started Taking Rs 7800 Annually From Every Shop, Housing Board, RDA, Maintenance Fee Of Builders Also

भास्कर एक्सक्लूसिव:डबल चार्ज; हर दुकान से नगर निगम लेने लगा सालाना 7800 रुपए, हाउसिंग बोर्ड, आरडीए, बिल्डरों का मेंटेनेंस शुल्क भी

रायपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राजधानी में नगर निगम ने यूजर चार्ज की वसूली जैसे ही शुरू की है, कारोबार जगत में मुद्दा गर्म हो गया है क्योंकि अधिकांश कारोबारी हाउसिंग बोर्ड, आरडीए या बिल्डर की प्रापर्टी में पहले से ही सालाना मेंटेनेंस शुल्क अदा कर रहे हैं। यही नहीं, प्राइवेट कालोनियों में भी यह बात आने लगी है कि वे कालोनाइजर को मेंटेनेंस शुल्क दे रहे हैं और अब निगम को भी यूजर चार्ज देना पड़ेगा।

दरअसल निगम ने सामान्य कारोबारी से सालाना 7800 रुपए शुल्क तय कर दिया है और इसकी वसूली संपत्ति कर के साथ की जा रही है। यही वजह है कि एक ही काम के लिए दोहरे शुल्क की एक साथ वसूली के कारण बवाल बढ़ रहा है और व्यापारी इस मामले में एकजुट हो रहे हैं। कई संगठनों ने तो अभी सफाई यूजर चार्ज देने से इंकार भी कर दिया है। फाइनेंशियल इयर खत्म होने से पहले ही निगम ने संपत्ति कर के साथ ही यूजर चार्ज की वसूली तेज कर दी है। शहर के सभी बड़े बाजारों के कारोबारियों से प्रॉपर्टी टैक्स के साथ ही यूजर चार्ज भी वसूल किया जा रहा है। शहर के कई बाजारों में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड, आरडीए और प्राइवेट दुकानें हैं। कारोबारियों या तो दुकानें खरीद ली हैं या फिर किराये से चला रहे हैं। इसलिए सरकारी एजेंसियों के साथ ही प्राइवेट समितियों को 1000 से 3000 रुपए महीना मेंटनेस के तौर पर देना पड़ रहा है। ऐसे में निगम ने उनसे सफाई यूजर चार्ज की वसूली शुरू कर दी है। इस वजह से मामला बिगड़ता जा रहा है। एक ही जगह की सफाई के लिए दो एजेंसियों को बड़ा शुल्क देना पड़ रहा है।

संपत्ति कर से ज्यादा हुआ सफाई यूजर चार्ज, महापौर बोले- चार किस्तों में दे सकते हैं

इसलिए ज्यादा नाराजगी
निगम की ओर से दिए गए संपत्ति कर के डिमांड नोट में 1000 वर्गफीट तक की दुकानवालों को 12 महीने के लिए 650 रुपए के हिसाब से 7800 रुपए सफाई यूजर चार्ज लिया जा रहा है। इस तरह की दुकानदारों का संपत्तिकर भी 6500 से 7500 रुपए होता है। ऐसे में यूजर चार्ज और संपत्ति कर मिलाकर शुल्क 15000 से ज्यादा बढ़ गया है। यानी पिछले साल की तुलना में यह खर्च दोगुना हो गया है। इसके अलावा जो दुकानदार सरकारी एजेंसियों में उन्हें 1000 रुपए महीने के हिसाब से 12000 रुपए का मेंटनेंस शुल्क भी हर साल देना पड़ रहा है।

व्यापारी संगठन विरोध में
निगम के सफाई यूजर चार्ज का कई कारोबारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। पंडरी थोक कपड़ा बाजार में 650 से ज्यादा कारोबारी है। निगम ने इन सभी के संपत्ति कर डिमांड नोट में 7800 रुपए तक का यूजर चार्ज जोड़ दिया है। प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करने के लिए कर्मचारी जब इन दुकानों में पहुंचे तो उनका कपड़ा व्यापारियों के साथ विवाद भी हुआ। व्यापारियों ने सालभर का शुल्क एक साथ लेने का विरोध किया। लेकिन राजस्व कर्मचारियों ने उनसे दो टूक कह दिया कि संपत्ति कर के साथ ही उन्हें यूजर चार्ज भी देना ही होगा। सभी ने सालभर का यूजर चार्ज एक साथ लेने का विरोध किया है।

कॉलोनियों में दोहरा बोझ
राजधानी में 500 से ज्यादा छोटी-बड़ी कॉलोनियां हैं, जहां बड़ी आबादी रहती है। इन कॉलोनियों, अपार्टमेंट या फ्लैट में रहने वाले लोगों को हर महीने मेंटनेंस के नाम पर वहां बनी समितियों या बिल्डरों को 1000 से 3000 रुपए तक मेंटनेंस शुल्क देना पड़ता है। यह शुल्क भी सफाई और दूसरे कामों के नाम पर लिया जाता है। इस शुल्क के अलावा निगम को सफाई यूजर चार्ज भी देना अनिवार्य है। ऐसे में सालभर का चार्ज दोगुना से ज्यादा हो गया है। इसलिए ऐसी जगहों पर रहने वाले लोगों का कहना है कि निगम को रियायती दर पर वसूली करनी चाहिए।

व्यापारियों को सुविधा दी गई है कि चार किश्तों में यूजर चार्ज का भुगतान करें। नियमों के तहत ही वसूली की जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पहले नंबर पर लाना है तो यह शुल्क जरूरी है।
-एजाज ढेबर, महापौर रायपुर

बिल्डर या कॉलोनियों की समिति जो मेंटनेंस शुल्क लेती है, उसे परिसर के अंदर रखरखाव और दूसरे कामों पर खर्च किया जाता है। निगम नालियों और दूसरी सफाई के लिए शुल्क लेगी ही।
-मृणाल गोलछा, अध्यक्ष छग क्रेडाई

पंडरी कपड़ा कारोबारियों से संपत्ति कर के डिमांड नोट के साथ ही सफाई यूजर चार्ज देने कहा गया है। दोनों शुल्क साथ देना होगा। ऐसे में यूजर चार्ज तो संपत्तिकर से अधिक होता जाएगा।
-चंदर विधानी, अध्यक्ष पंडरी कपड़ा बाजार एसो.