250 को एक साथ ट्रेनिंग:20 एकड़ में ड्राइविंग और ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट तैयार

रायपुरएक महीने पहले
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नया रायपुर में करीब 20 एकड़ में राज्य का पहला ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर तैयार हो गया है। 17 करोड़ की लागत से बने इस इंस्टीट्यूट में 250 लोगों को एक साथ हल्की व भारी गाड़ियों की ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, युवाओं को फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने की भी कोशिश की जाएगी। सीएम भूपेश बघेल 9 दिसंबर को इसका उद्घाटन करेंगे।

इसमें परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर, सांसद सुनील सोनी, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे सहित अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। तेंदुआ गांव में 20 एकड़ में बने इंस्टीट्यूट में मारूति सुजुकी कंपनी के विशेषज्ञ ड्राइविंग की ट्रेनिंग देंगे। सड़कों में परिवहन व्यवस्था सुरक्षित और सुचारू हो, हादसे कम से कम हों, इस उद्देश्य से युवाओं को भारी वाहन और नॉन कमर्शियल गाड़ियां चलाने की ट्रेनिंग न्यूनतम फीस में दी जाएगी। इंस्टीट्यूट में ट्रक, बस जैसे बड़े वाहनों को चलाने के लिए 30 दिन की ट्रेनिंग और नॉन कमर्शियल वाहनों को चलाने के लिए 21 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी।

दिक्कतों के बारे में समझाने के लिए सिम्युलेटर
इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त सिम्युलेटर के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी। लाइट मोटर व्हीकल के लिए एलएमवी सिम्युलेटर व हैवी मोटर व्हीकल के लिए एचएमवी सिम्युलेटर की सुविधा इंस्टीट्यूट उपलब्ध है। ड्राइविंग के वक्त आने वाली कठिन परिस्थितियों जैसे बारिश, आंधी, तूफान आदि से रूबरू कराने के लिए रियल टाइम सिम्युलेटर भी लगाया गया है। तकनीकी जानकारियों के लिए लैब भी है, जहां इंजन, ब्रेक व अन्य पार्ट्स की वर्किंग को लाइव मॉडल के जरिए समझाया जाएगा।

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