कोरोना की तीसरी लहर:4 गुना बढ़ी दवाई की बिक्री; पैरासिटामॉल की 1 माह में 50 लाख टेबलेट की थी खपत, अब 2 करोड़

रायपुर5 महीने पहले
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ओमिक्रान के मौजूदा खतरे ने बुखार में सबसे कारगर मानी जाने वाली दर्द निवारक दवा पैरासिटामॉल की खपत 4 गुना तक बढ़ा दी है। अकेले राजधानी रायपुर में सामान्य दिनों में एक महीने में करीब 10 लाख टेबलेट (कीमत 20 लाख) की खपत होती है, मगर कोरोना के इस नए वैरिएंट ने यह मांग 40 लाख टेबलेट (कीमत 80 लाख) तक पहुंचा दी है।

प्रदेश में 2 करोड़ टेबलेट की खपत का अनुमान है। उधर, दवा वितरकों ने कंपनियों को मांग सूची भेज दी है, ताकि दवा की कमी न पड़े। इनमें 250, 500 और 650 एमजी की टेबलेट के साथ बच्चे का पैरासिटामॉल सिरप भी शामिल है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि पैरासिटामॉल की इतनी खपत तो कोरोना की दूसरी लहर में नहीं थी। हालांकि​ दूसरी लहर में पैरासिटामॉल नहीं बल्कि फेवीपिरावीर, फैवीमैक्स और रेमडेसिविर को लेकर मारामारी थी। वर्तमान में इनकी जरूरत बहुत कम पड़ रही है। अभी पैरासिटामॉल के अलावा सिट्राजिन, विटामिन-सी, मल्टी विटामिन और कफ सिरप की सर्वाधिक खपत है।

सरकारी प्रोटोकॉल में शामिल, इसलिए भी मांग अधिक
राज्य सरकार ने केंद्र के ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को अमल में लाते हुए अपना प्रोटोकॉल जारी किया है। इसमें होम आईसोलेशन के मरीजों को पैरासिटामॉल, सिट्राजिन और कफ सिरप देने की सलाह दी है। मांग बढ़ने की एक वजह इन दवाओं का प्रोटोकॉल में शामिल होना भी है। यह प्रोटोकॉल लक्षणों के आधार पर तैयार किया गया है।गौरतलब है कि अभी मिलने वाले मरीजों में बुखार एक प्रमुख लक्षण देखा गया है, जो 1-2 दिन ही रहता है।

अब सीजीएमएससी ने इंडेंट मांगे
राज्य सरकार की दवा क्रय करने वाली एजेंसी सीजीएमएमसी ने कोरोना के खतरे को देखते हुए जिलों से आवश्यक दवाओं की सूची मांगी है। खासकर वे दवाएं जिनका आने वाले 1-2 महीने में सर्वाधिक उपयोग में लाई जानी है। रायपुर के अधिकारियों के मुताबिक जिले में महीने में 5 लाख पैरासिटामॉल टेबलेट की खपत है। मगर, इस बार 3 गुना अधिक मांग भेजी गई है। वर्तमान में रायपुर वेयर हाउस में 7 लाख पैरासिटामॉल टेबलेट हैं। इनके सैंपल जांच के िलए भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने पर ये सप्लाई होगीं।

अभी 95% मरीज होम आइसोलेशन में
आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में 4 जनवरी से 15 जनवरी तक 45,240 लोग संक्रमित हुए। इनमें 95 प्रतिशत होम आइसोलेशन में हैं या रहे। इनमें से प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति को स्थानीय निकाय द्वारा पैरासिटामॉल की 10 टेबलेट दी जा रही हैं। इस लिहाज से अब तक 4.50 लाख टेबलेट बांटी जा चुकी हैं। रोजाना औसतन 5 हजार मरीज मिल रहे हैं, यानी 50,000 टेबलेट की आवश्यकता पड़ ही रही है। रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष विनय कृपलानी का कहना है कि पैरासिटामॉल की खपत तेजी से बढ़ रही है। लोग इसे सामान्य तौर पर खरीदकर भी रख रहे हैं, क्योंकि आज हर घर में बुखार और बदन-दर्द के मरीज हैं।

3963 नए केस, सात मौतें भी, ओमिक्रॉन के तीन मरीज मिले
छत्तीसगढ़ में रविवार को कोरोना के 3963 नए संक्रमित और बढ़ गए हैं। इसमें रायपुर के 1215 मरीज भी शामिल हैं। इस दौरान 7 मौतें भी हैं। प्रदेश में ओमिक्रॉन के तीन नए मरीज मिले, जिसमे 2 साल का बच्चा भी शामिल है। 32 हजार से अधिक सक्रिय मरीजों से केवल 872 मरीज ही भर्ती है।

एक्सपर्ट व्यू; बिना डॉक्टर की सलाह के किसी प्रकार की दवा न लें
पैरासिटामॉल बाकी अन्य दर्द निवारक दवाओं की तुलना में ज्यादा सुरक्षित है, मगर 100 प्रतिशत सुरक्षित तो कोई दवा नहीं है। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, क्योंकि हर आयुवर्ग और लक्षण के हिसाब से अलग-अलग डोज तय िकए जाते हैं। कम दर्द में दवा न लें, क्योंकि कई बार आदत बन जाती है और यह लिवर पर बुरी तरह से नुकसान भी कर सकती है। हालांकि वायरल और कोविड में यही सबसे कारगर है।
-डॉ. अब्बाश नकवी, सीनियर फिजिशियन