मप्र-छग में 3.9 तीव्रता का भूकंप:अमरकंटक क्षेत्र में हिली धरती; अनूपपुर-शहडोल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-कोरिया में लगे झटके

रायपुर8 महीने पहले
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पृथ्वी विज्ञान विभाग की ओर से जारी इस तस्वीर में लाल बिंदु से भूकंप का केंद्र दर्शाया गया है। - Dainik Bhaskar
पृथ्वी विज्ञान विभाग की ओर से जारी इस तस्वीर में लाल बिंदु से भूकंप का केंद्र दर्शाया गया है।
  • बिलासपुर से 139 किमी उत्तर-पूर्व में जमीन के 10 किमी नीचे था भूकंप का केंद्र

छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा पर रविवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र बिलासपुर से 139 किलोमीटर उत्तर-पूर्व की ओर बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है।

जानकारी के मुताबिक, दोपहर 12.55 से एक बजे के बीच छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया और मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। कोरिया जिले के चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ और बैकुंठपुर में भी झटके लगे। महज कुछ सेकंड तक ही धरती हिली, लेकिन लोग दहशत में आ गए। लॉकडाउन के कारण लोग अपने-अपने घरों में ही थे। दोपहर में अचानक दीवारें, पंखे और सामान हिलने लगे। लोगों को समझते देर नहीं लगी, बचने के लिए सब अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। पेंड्रा के कुछ घरों में हल्की दरारें आने की बात सामने आ रही है।

भूकंप की वजह से पेंड्रा के कई मकानों में इस तरह की दरार पड़ गईं।
भूकंप की वजह से पेंड्रा के कई मकानों में इस तरह की दरार पड़ गईं।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, यह 3.9 तीव्रता का भूकंप था। इसका केंद्र सतह से 10 किलोमीटर नीचे था। इसकी वजह से बड़े नुकसान की आशंका नहीं है, लेकिन कच्चे घरों और कमजोर इमारतों को नुकसान हो सकता है।

पिछले वर्ष बस्तर-ओडिशा सीमा पर लगे थे झटके
छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश का यह इलाका भूकंप संभावित क्षेत्रों में नहीं है। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया, पिछले साल अगस्त-सितंबर में बस्तर और ओडिशा की सीमावर्ती जिलों में बेहद हल्के झटके महसूस किए गए थे।

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