दोगुनी ताकत से उतरेंगी डिजिटल टीमें:लोगों का आर्थिक सर्वे 1 जनवरी से, कोरोना के बाद पहली बार होगा सही स्थिति का आंकलन

रायपुर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र राज्य के सांख्यिकी अफसर बुधवार को राजधानी में जुटे। उन्होंने एक जनवरी से प्रारंभ हो रहे देश के सामाजिक आर्थिक सर्वे की प्लानिंग की। इसके साथ दो नए सर्वे भी शुरू किए जा रहे हैं। नीति आयोग, पीएमओ, वित्त मंत्रालय ने आर्थिक सांख्यिकी कार्यालय को डिजिटल संसाधनों के साथ समय सीमा के अंदर आंकड़े मांगे हैं।

अफसरों ने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण, कृषि सांख्यिकी सर्वेक्षण, समाजार्थिक सर्वेक्षण, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एवं थोक मूल्य सूचकांक, असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों के सर्वेक्षण और आंतरिक प्रशासनिक विषयों की भी समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कोविड और संसाधनों की कमी के बावजूद संगठन आंकड़ों की रिक्तता को पूरी करने में सफल रहा। प्रतिबंधों व लॉकडाउन के बावजूद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों और बैकलाग आंकड़ों को जारी करने में सफलता मिली। पश्चिमांचल क्षेत्र की आंचलिक समीक्षा बैठक दिल्ली के राष्ट्रीय अपर महानिदेशक एसएल मेनारिया की अध्यक्षता में हुई। पश्चिमांचल कार्यालय नागपुर के उपमहानिदेशक आरसी गौतम प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा अहमदाबाद के एसके भनावत, सुप्रिया रॉय मुंबई, सत्यजीत पॉल दिल्ली, के अनिंद्य बैनर्जी फरिदाबाद, रायपुर के उप महानिदेशक रोशनलाल साहू, राजेश कुमार श्रीवास्तव वरिष्ठ राष्ट्रीय सांख्यिकी अधिकारी, सहायक निदेशक जॉर्ज मिंज आदि भी शामिल हुए। नगरीय ढांचा सर्वेक्षण, आवधिक श्रम बाल सर्वेक्षण पर भी चर्चा हुई।

इसलिए महत्वपूर्ण

  • अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर आती है सामने
  • केंद्र व राज्य की योजनाओं के लिए आंकड़े अहम
  • सर्वे से लोगों की प्रतिक्रिया व प्रशासनिक कसावट में सहायक
खबरें और भी हैं...