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राजधानी में स्पूतनिक-वी टीके भी 15 से:शहरी अस्पतालों में 2-डीजी पाउडर, महंगे एंटीबाॅडी और दवाइयों से कारगर इलाज

रायपुर6 दिन पहलेलेखक: अमिताभ अरुण दुबे
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  • प्रभावी दवाइयों के साथ राजधानी में स्पूतनिक-वी टीके भी 15 से

कोरोना की दूसरी लहर के आखिर में आई जिन नई दवाइयों और टीकों ने लोगों की हिम्मत बंधाई, उन सबका राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में उपयोग शुरू हो गया है और अस्पतालों का दावा है कि इनके बहुत कारगर नतीजे आ रहे हैं। शहर के काफी लोगों को रूस के डबल डोज वाले टीकों का इंतजार है, उनके लिए बड़ी खबर यह है कि यहां 15 जून के आसपास एक निजी अस्पताल में स्पूतनिक का डबल डोज टीका लांच होने जा रहा है।

भास्कर टीम ने शहर के चार बड़े अस्पतालों में डॉ. अंबेडकर, एम्स रायपुर, रामकृष्ण केयर और एमएमआई में एक्सपर्ट से इलाज में आ रहे नए बदलावों को लेकर बात की। वहां के एक्सर्ट्स ने बताया कि कारगर एंटीबाॅडी काॅकटेल इंजेक्शंस और नई दवाइयों के साथ कुछ अस्पतालों ने डीआरडीओ के 2-डीजी पाउडर का उपयोग किया है, जो कोविड के माइल्ड इंफेक्शन में बेहद असरदार रहा है। अगर संक्रमण की तीसरी लहर आती है तो इन दवाइयों के साथ-साथ तब तक आने वाला नया ट्रीटमेंट कोरोना वायरस के साथ लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित होगा।

1. अंबेडकर अस्पताल : महंगा एंटीबाॅडी इंजेक्शन उपलब्ध
डॉ. अंबेडकर अस्पताल के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. ओपी सुंदरानी के मुताबिक कोरोना के मामले अब कम हो गए हैं। लेकिन राहत की बात ये भी है कि अब ट्रीटमेंट की सुविधाएं पहले से ज्यादा बेहतर हो गई हैं। करीब 60 हजार से 70 हजार रुपए की कीमत वाले मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (काॅकटेल या ट्रंप एंटीबाॅडी) इंजेक्शन ने अंबेडकर अस्पताल में कोमार्बिडिटी वाले मरीजों की कोरोना से लड़ाई काफी हद तक आसान कर दी है। यह इंजेक्शन अंबेडकर में उपलब्ध हैं और शुगर, बीपी वाले लोगों में अगर कोरोना संक्रमण समय पर पता चलता है तो ये इंजेक्शन कारगर हो रहा है।

2. एम्स : ब्लैक फंगस में अच्छे नतीजे
एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर के मुताबिक दूसरी लहर के दौरान आईसीएमआर, डब्ल्यूएचओ और एम्स दिल्ली के जरिए इलाज के प्रोटोकॉल में जो भी बदलाव किए गए, उन सभी का हमने एम्स रायपुर में मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया है। कोरोना इलाज के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस में भी एम्स में अच्छा काम किया है। इसके ट्रीटमेंट की जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं। यही नहीं, कोरोना में एंटी वायरल ड्रग्स का इस्तेमाल उपयोगी साबित हुआ है।

3. रामकृष्ण केयर: 2-डीजी असरदार
रामकृष्ण केयर अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अब्बास नकवी के मुताबिक नए मरीजों की संख्या में अब गिरावट है पर अच्छी बात ये है कि हमारे पास कई नई दवाइयां आ गई हैं। डीआरडीओ की दवा 2डीजी (2 डॉक्सी-डी-ग्लूकोज) पाउडर का इस्तेमाल हमने पांच मरीजों पर किया, जिसके नतीजे काफी अच्छे आए हैं। जिन मरीजों में हल्के लक्षण हैं, उनके लिए यह दवा कारगर साबित हो रही है। हालांकि ज्यादा इस्तेमाल के बाद इस बारे में और कुछ बताया जा सकता है।

4. एमएमआई : इलाज के साथ टीकाकरण भी
एमएमआई के डॉ. प्रदीप शर्मा के मुताबिक कोरोना मरीज अभी कम है। इसलिए इलाज के नए विकल्प का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। दूसरा हम ट्रायल और स्टडी पर भी नजर बनाए हुए हैं। एंटीबॉडी कॉकटेल, टू-डीजी जैसी दवाएं अब हमारे शहर में भी हैं। निश्चित तौर पर इनका इस्तेमाल भी होगा। हमारे अस्पताल में हम स्पूतनिक टीके का वैक्सीनेशन भी शुरु करने जा रहे हैं। ट्रीटमेंट में जितने ज्यादा विकल्प रहेंगे वो इलाज को बेहतर बनाएंगे। तीसरी लहर के बचाव में वैक्सीनेशन भी एक बड़ा फैक्टर है। निजी क्षेत्र में टीकाकरण फिलहाल यहीं ह

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