इंजीनियरिंग कॉलेज की आवंटन लिस्ट आज:इंजीनियरिंग का रुझान कम, 11381 सीटों के लिए 4300 फार्म; फार्मेसी में प्रवेश के लिए साढ़े पांच हजार छात्रों ने भरा फार्म

रायपुरएक महीने पहले
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इंजीनियरिंग में प्रवेश को लेकर इस बार भी स्थिति अच्छी नहीं है। शुरुआत से ही सीटें खाली रहने की संभावना बनी है। वह इसलिए क्योंकि इंजीनियरिंग कि काउंसिलिंग के तहत 4300 छात्रों ने आवेदन किया है। जबकि राज्य में इंजीनियरिंग की 11381 सीटों हैं। यानी सभी छात्रों को सीटें बंट भी जाए तब भी 7 हजार सीटें खाली रह जाएगी। दाखिले के लिए आबंटन सूची गुरुवार, 14 अक्टूबर को जारी होगी। फार्मेसी की काउंसिलिंग के लिए करीब साढ़े पांच हजार छात्रों ने आवेदन किया है। इसके लिए भी आबंटन सूची गुरुवार काे जारी होगी।

काउंसिलिंग के तहत आवेदन की आखिरी तारीख बुधवार, 13 अक्टूबर थी। आखिरी दिन कई छात्रों के आवेदन मिले। इस तरह से इंजीनियरिंग की काउंसिलिंग में आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 4300 रही। इन छात्रों के आधार पर ही सीटें भरी जाएगी। राज्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई 33 कॉलेजों में हो रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसके प्रति छात्रों का रुझान कम हुआ है। सरकारी कॉलेजों की डिमांड अब भी है। यहां प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा रहती है। रायपुर, बिलासपुर व जगदलपुर में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में इंजीनियरिंग की करीब 18 ब्रांच की पढ़ाई होती है। यहां 852 सीटें हैं। अधिकांश छात्र पहले इन्हीं कॉलेज में प्रवेश लेना चाहते हैं। काउंसिलिंग में भी इन्हीं कॉलेजों का चयन करते हैं। इसके बाद कुछ चुनिंदा अच्छे प्राइवेट कॉलेजों के प्रति भी छात्रांे का रुझान रहता है। तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आबंटन सूची गुरुवार को जारी होगी। इसके आधार पर पता चलेगा कि इस बार कितनी सीटें खाली रह गई। आबंटन के आधार पर छात्रों को प्रवेश के लिए 20 अक्टूबर तक का अवसर दिया जाएगा।

फार्मेसी की 5933 सीटों में होगा प्रवेश
बी.फार्मेसी और डी.फार्मेसी की कुल 5933 सीटें हैं। इसकी प्रवेश परीक्षा में इस बार 19845 परीक्षार्थी शामिल हुए। लेकिन काउंसिलिंग के तहत करीब साढ़े पांच हजार छात्रों ने फार्म भरा है। यानी फार्मेसी की भी कुछ सीटें खाली रह सकती है। सीटों के आबंटन के लिए गुरुवार की शाम को लिस्ट जारी होगी। इसके अनुसार संबंधित कॉलेजों में प्रवेश होंगे। जिन छात्रों को सीटें मिलेंगी वे 16 से 20 तक संबंधित कॉलेजों में एडमिशन ले सकेंगे।

कृषि में एडमिशन के लिए 25 हजार छात्र कतार में
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बीएससी कृषि व उद्यानिकी में प्रवेश के लिए इस बार भी कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। प्रवेश के लिए 25 हजार छात्र कतार में हैं। यह संख्या उपलब्ध सीटों की तुलना में करीब दस गुणा अधिक है। लेकिन राहत इस बात को लेकर भी है कि इस बार कृषि व उद्यानिकी की 363 सीटें बढ़ी है। इस पाठ्यक्रमों में अब 2761 छात्रों को प्रवेश मिलेगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि, उद्यानिकी, कृषि इंजीनियरिंग और फूड प्रोसेसिंग के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में कुल 401 सीटें बढ़ी है। जबकि पीजी में 17 सीटें बढ़ाई गई है। यानी इस बार ज्यादा छात्रों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। कृषि व उद्यानिकी के स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए हर साल कड़ी प्रतिस्पर्धा रहती है। इस बार भी कुछ ऐसी ही स्थिति होगी। क्योंकि, प्री एग्रीकल्चर टेस्ट में इस बार करीब 25 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। यानी सीटों से दस गुणा ज्यादा।

फिर भी सीटें बढ़ने से छात्रों को फायदा होगा। कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकांश सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई है। बड़े कॉलेजों में करीब 10-10 और छोटे कॉलेजों में 5-5 सीटें बढ़ी है। शिक्षाविदों का कहना है कि कृषि व हार्टीकल्चर की डिमांड पिछले कुछ वर्षों से है। यहां एक-एक सीट का महत्व है। इसलिए कृषि व उद्यानिकी में 363 सीटें बढ़ना अच्छा है। गौरतलब है कि कृषि विवि से संबद्ध सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों की कुल संख्या 48 है। इसमें से 33 शासकीय कॉलेज और 15 प्राइवेट कॉलेज हैं। यहां कृषि, उद्यानिकी, कृषि इंजीनियरिंग एवं फूड प्रोसेसिंग की पढ़ाई हो रही है।

फूड प्रोसेसिंग में इस बार 44 सीटें
इंदिरा गांधी कृषि विवि के रायपुर कैंपस में पिछली बार फूड प्रोसेसिंग की पढ़ाई शुरू हुई। यहां स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम है। पिछली बार 26 सीटें थी। इस बार 44 सीटों में प्रवेश होगा। पीईटी देने वाले छात्र फूड प्रोसेसिंग में प्रवेश ले सकेंगे। इसी तरह कृषि इंजीनियरिंग की 20 सीटें बढ़ाई गई है। पिछली बार 262 सीटें थी। इस बार 282 सीटें हैं। हालांकि, पिछले वर्षों में यह देखा गया है कि कृषि इंजीनियरिंग के प्रति छात्रों का रुझान कम रहा है। संभावना है कि इस बार पूरी सीटें भर जाएगी।

पीजी में इस बार 478 सीटें
इंदिरा गांधी कृषि विवि से संचालित पीजी पाठ्यक्रमों की सीटें इस बार बढ़ाई गई है। पिछली बार 461 सीटें थी। 17 सीटें बढ़ी है। इस तरह से इस बार 478 सीटों में प्रवेश होगा। इसमें प्रवेश के लिए काउंसिलिंग होगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। काउंसिलिंग के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकते हैं। रायपुर में दो कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई हो रही है। इसके अलावा बिलासपुर, राजनांदगांव, अंबिकापुर, भाटापारा और जगदलपुर के कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई हो रही है।

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