CG में गांवों में बढ़ा रोजगार:ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित योजनाओं से हर हाथ को काम मिला, सर्वे में 82 फीसदी ने कहा- सरकार का काम सराहनीय

रायपुरएक वर्ष पहले
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CMIE की रिपोर्ट में बताया प्रदेश में बढ़े रोजगार। - Dainik Bhaskar
CMIE की रिपोर्ट में बताया प्रदेश में बढ़े रोजगार।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की ओर से जारी बेरोजगारी दर के नवीनतम आंकड़ें ने छत्तीसगढ़ को देश का सबसे अधिक काम देने वाला प्रदेश साबित किया है। इसके बाद यहां हुए एक सर्वे ने इसका कारण भी स्पष्ट कर दिया कि आखिर ऐसा हुआ कैसे। 82 फीसदी लोगों ने कहा कि राज्य सरकार ने गांवों को केंद्र में रखकर जो योजनाएं लागू कीं, उसके चलते यह उपलब्धि हासिल हुई है।

CMIE ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि छत्तीसगढ़ में मार्च में बेरोजगारी दर अपने सबसे न्यूनतम स्तर 0.6 फीसदी पर पहुंच गई थी। इसका मतलब है कि प्रदेश में काम करने की उम्र वाले 99.4 लोगों के पास रोजगार-स्वरोजगार है। जबकी मार्च में ही देश की बेरोजगारी दर इससे बहुत ज्यादा 7.5 प्रतिशत रही। भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले थिंक टैंक CMIE ने यह मासिक रिपोर्ट 2 अप्रैल को जारी की थी। इसमें सबसे अधिक बेरोजगारी दर वाला प्रदेश हरियाणा (26.7 प्रतिशत) बताया गया। इसके बाद राजस्थान-जम्मू कश्मीर (25-25 फीसदी) रहे। झारखंड, बिहार और त्रिपुरा में यह दर 14 प्रतिशत से ज्यादा रही। यह पहली बार है कि इस सूची में छत्तीसगढ़ सबसे बेहतर स्थान और देश के सबसे कम बेरोजगारी दर पर रहा।

इस रिपोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ में किए गए एक सर्वे में बताया गया कि इसका श्रेय 3 साल पहले प्रदेश में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य मॉडल को है। इसमें गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाएं बनाई गई। जिसमें सुराजी गांव, नरवा-गरुवा-घुरुवा-बाड़ी, गो धन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क, उद्यमिता विकास योजना, लघु वन उपज योजना जैसे काम किए गए। इससे गांवों में बड़ी संख्या में रोजगार उत्पन्न हुआ है।

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