राहत / आवासीय कालोनी के लिए अब हर तरह की अनुमति मिलेगी 100 दिन में

Every kind of permission will be given for residential colony now in 100 days
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Every kind of permission will be given for residential colony now in 100 days

  • राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम सीजी आवास लागू
  • संकट के दौर से रियल एस्टेट को उबारने सीएम भूपेश ने दिए निर्देश

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:50 AM IST

रायपुर. आवासीय कालोनियों के लिए अब आवेदकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कालोनियों के विकास की हर तरह की अनुमति 100 दिन में देने का फैसला किया है। इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कॉलोनाईजर- आवेदक द्वारा अपने जमीन की की चारों तरफ की सीमा के अंतर्गत खसरे को एकीकृत कर प्रस्तुत नहीं करने पर खसरा एकीकरण के लिए 40 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। कालोनियों के अनुमोदन की सभी प्रक्रिया सरल बनाने के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग ने सिंगल विंडो सिस्टम सीजी आवास लागू किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में आवासीय कालोनियों के विकास की प्रक्रिया को आसान करने के निर्देश दिए थे। शेष|पेज 5 इस प्रक्रिया से जुड़े सभी संबंधित विभाग अपने कार्यालय में आवासीय कॉलोनी के लाइसेंस से संबंधित कोई आवेदन नहीं लेंगे। अब कॉलोनी के विकास के लिए आवेदन छत्तीसगढ़ के किसी भी स्थान से सर्विस प्लस पोर्टल के माध्यम से सीजी आवास द्वारा किया जा सकेगा। प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। विभाग ने एनआईसी के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने बीते 25 नवंबर को एकल खिड़की प्रणाली के संचालन के लिए सीजी आवास सॉफ्टवेयर लांच किया था।कई विभागों का लगाना पड़ता था चक्कर
क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष विजय नत्थानी ने बताया कि पहले जमीन का बी-1 खसरा लेना पड़ता है। सिंगल टाइटल में एकीकृत खसरा होना चाहिए। टाउन कंट्री प्लानिंग लैंड टाइटल क्लियर है या नहीं इसकी जांच करता था। इसके बाद नजूल की एनओसी लेनी होती थी। इसके बाद सीएसईबी से एनओसी, यूज ऑफ लैंड सर्टिफिकेट, ड्राइंग डिजाइन के लिए इंजीनियर्स की सर्टिफिकेट होनी चाहिए। इन सबके बाद केस जमा होता है। पहले रिपीटिशन ऑफ वर्क ज्यादा होता था। अनुमति के लिए छह महीने से डेढ साल का समय लगता था। एक ही काम के लिए कई बार विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। सिंगल विंडों सिस्टम में टाइम लिमिट दी गई है इससे कालोनी विकास के लिए अनुमति समय से मिल जाएगा। 

गाइडलाइन रेट में 31 मार्च तक मिलेगी छूट 

जमीनों की खरीदी-बिक्री की सरकारी गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट को 31 मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले 30 जून तक के लिए यह छूट दिया गया था। राज्य शासन के वाणिज्य कर (पंजीयन) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।रेरा ने 25 मार्च या उसके बाद के प्रोजेक्ट्स का पंजीयन 6 माह बढ़ाया
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रदेश के ऐसे समस्त रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जिनकी पूर्णता 25 मार्च 2020 या उसके बाद है, की पंजीयन अवधि 6 माह बढ़ा दी है। रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड के निर्देशानुसार प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए पृथक से नए पंजीयन जारी किए जाएंगे। 
प्राधिकरण की रजिस्ट्रार डॉ. अनुप्रिया मिश्रा ने बताया कि प्राधिकरण ने जनवरी से मार्च 2020 तक की त्रैमासिक अवधि को पहले एक माह बढ़ाकर 31 मई तय की गई थी। अब त्रैमासिक अवधि में भी छह माह की वृद्धि करते हुए 31 अक्टूबर कर दी गई है।
पहले डेढ़ से दो साल लगता था समय
इससे पहले आवासीय कॉलोनी के विकास की अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए जहां डेढ़ से दो साल का समय लग जाता था। वहीं अब आवेदकों को 100 दिन के भीतर विकास के लिए लाइसेंस मिल जाएगा। इसके तहत लैंड डायवर्सन सर्टिफिकेट, अप्रूव्ड ले आउट, कॉलोनी विकास की अनुमति की स्वीकृति सभी एकल खिड़की के माध्यम से प्राप्त होगी। आवेदक को पोर्टल पर एवं एसएमएस के माध्यम से आवेदन के हर स्टेज की जानकारी मिलती रहेगी। इससे जहां प्रक्रिया की पुनर्रावृत्ति नहीं होगी वहीं अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। प्रत्येक जिले के अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक आवेदन एडीएम के जरिए ही सभी विभागों की अनुमतियों की अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।

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