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सीएम बघेल और सिंहदेव की समीक्षा बैठक:बस्तर जाने वाले हर व्यक्ति की एंट्री प्वाइंट पर टेस्टिंग होगी, इसके बिना प्रवेश नहीं

रायपुर2 महीने पहले
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  • सीएम बघेल और सिंहदेव ने बस्तर के 7 जिलों में कोरोना संक्रमण और इलाज की समीक्षा की

राज्य सरकार ने बिना टेस्टिंग के किसी भी व्यक्ति के बस्तर के किसी भी गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यहां तक की छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की टेस्टिंग एंट्री पाइंट पर होगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बस्तर में संक्रमण न फैले इसके लिए यह जरूरी है कि बाहर से आने वाला हर व्यक्ति बिना टेस्टिंग के न तो गांव में और न ही शहर में जाए।

आवश्यकता अनुसार उन्हें क्वारिन्टाइन सेंटर और आइसोलेशन केेंद्र में रखने की व्यवस्था की जाए। बाहर से आने वालों की एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड, अंतर्राज्यीय सीमाओं के एंट्री पाइंट पर ही टेस्टिंग सुनिश्चित कर ली जाए। मंगलवार को वर्चुअल बैठक में बस्तर संभाग के 7 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के दौरान सीएम बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने यह निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि हमारा फोकस टेस्टिंग के साथ-साथ मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा सघन जांच पर होना चाहिए। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से संक्रमण को रोकने में काफी हद तक मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की टेस्टिंग एंट्री पाइंट पर की जाए।

उन्हें क्वारिन्टाइन और आइसोलेशन में रखने के बाद ही कैम्पों में जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार इसी वजह से बस्तर में संक्रमण बढ़ा था। बस्तर आईजी आने वाले जवानों की जानकारी रखे और ऐसे जवानों को लाने के लिए पृथक वाहन की व्यवस्था करें। जवान सार्वजनिक परिवहन के साधनों से वापस न लौटे। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्रों में ट्रकों में आने वाले ड्राइवरों और क्लीनरों की जांच की जाए और उन्हें मजदूरों से अलग रखने की व्यवस्था की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण कार्य प्रारंभ किए जाएं। इससे लोगों को सुगमता से रोजगार उपलब्ध होगा और अतिरिक्त आमदनी भी मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बस्तर संभाग में कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिले में पंचायतवार बाहर गए मजदूरों और लोगों की जानकारी भी एकत्रकर पोर्टल में प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में क्वारिन्टाइन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की स्थापना के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बघेल ने संभाग के सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर बेड और ऑक्सीजन सिलेंडरों, मेडिकल स्टाफ रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा सीएसआर मद से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

ये निर्णय भी हुए

  • बाहर से आने वाला हर व्यक्ति के टेस्टिंग के बिना शहर या गांवों में प्रवेश पर मनाही।
  • छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को टेस्टिंग और क्वारिन्टाइन के बाद ही कैम्पों में भेजा जाए।
  • खदान क्षेत्रों में बाहरी ड्राइवर और क्लीनरों की जांच और मजदूरों से अलग रखने की हो व्यवस्था।
  • कोविड गाइडलाइन के तहत होंगे मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण कार्य।
  • कोरोना संक्रमितों के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का पता कर सघन जांच की हो कार्यवाही।
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