बेघरों पर बेदखली का खतरा:कुम्हारी के अटल आवास में बिना आवंटन रह रहे लोगों को घर खाली करने नोटिस; प्रदर्शन किया तो पुलिस ने रोका

रायपुर7 महीने पहले
पुलिस ने प्रेस क्लब के पास रैली को रोक दिया। इस दौरान काफी देर तक पुलिस और प्रभावित लोगों में बहस होती रही।

राजधानी रायपुर से लगे दुर्ग जिले के कुम्हारी नगर पालिका में अटल आवास का मुद्दा विवादों में घिर गया है। यहां वर्षों से रह रहे बेघरों को नगर पालिका प्रशासन ने बेदखली( घर खाली करने) का नोटिस दिया है। करीब 50 घरों को प्रशासन ने जबरन खाली करा लिया है। परेशान लोगों का एक जत्था रविवार को रायपुर आ धमका। ये लोग जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े तो पुलिस ने इन्हें रोक लिया।

पुलिस का कहना था, ये लोग बिना किसी पूर्व सूचना के रैली निकाल रहे हैं। ऐसा नहीं किया जा सकता। वहीं अटल आवास के रहवासियाें का नेतृत्व कर रहे कुम्हारी पार्षद निश्चय वाजपेयी का कहना था, अगर शहर में धारा 144 नहीं लगी है तो उनको कहीं से भी जाने के लिए किसी को सूचना देने की आवश्यकता नहीं है। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

करीब घंटे भर की बहस के बाद पुलिस पांच-छह लोगों के अलग-अलग जत्थों में लोगों को कचहरी तक जाने देने को तैयार हुई। निश्चय वाजपेयी ने बताया, कुम्हारी नगर पालिका के वार्ड 24 में अटल आवास है। यह गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए बनाया गया था। यहां आए लोग पिछले कई वर्षों से उसमें रह रहे हैं। सच यह है कि आवास का आवंटन इनके नाम पर नहीं है। जिनके नाम पर आवंटन है, उन्होंने इन्हें बसा दिया। कुछ लोगों ने व्यवस्थापन के लिए नगर पालिका में 30-30 हजार रुपए की रकम भी अदा किया है। अब प्रशासन इन लोगों को वहां से बेदखल कर रहा है। पिछले दिनों सुबह 6 बजे नगर पालिका के दस्ते ने कई घरों को खाली करा लिया। सामना फेंक दिए गये। इसके विरोध में ये लोग नगर पालिका, थाना और कलेक्टर स्तर तक शिकायत कर चुके लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

यहां से हटाया गया तो बेघर हो जाएंगे

रायपुर आई रेखा और सपना चौहान जैसी महिलाओं का कहना था, वे लोग बेहद गरीब हैं। पूरा परिवार मेहनत-मजदूरी करता है। एक कमरे का घर मिला था। किसी तरह दिन काट रहे थे। अब अगर उनको वहां से हटाया जाता है तो वे तो पूरी तरह बेघर हो जाएंगे। उनके पास तो झोपड़ी भी नहीं है। किराये का मकान लेना पड़े तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।

हटाना ही है तो कोई अन्य विकल्प दे सरकार

स्थानीय पार्षद निश्चय वाजपेयी का कहना था, वहां रह रहे लोगों के पास घर नहीं है। प्रशासन उन्हें अटल आवास से हटाना चाहती है ताे आवास का विकल्प उपलब्ध करा दे। बिना व्यवस्थापन के लोगों को बेघर करना अन्याय है। उन्हाेंने बताया, वे लोग रायपुर में वकील से मिलेंगे। वहां से सलाह लेने के बाद इस बेदखली के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।