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भास्कर ऑन द स्पॉट:रजबंधा मैदान में फेंक रहे एक्सपायरी दवा खुले में जला रहे टेबलेट-इंजेक्शन व सिरप

रायपुर16 दिन पहले
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रजबंधा मैदान स्थित खाली जमीन में एक्सपायरी दवाओं को फूंका। - Dainik Bhaskar
रजबंधा मैदान स्थित खाली जमीन में एक्सपायरी दवाओं को फूंका।
  • मेडिकल कॉम्प्लेक्स के सामने पेट्रोल डालकर फूंकी मेडिसिन

रजबंधा मैदान में थोक दवा बाजार के ठीक सामने खुले मैदान में बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाएं पेट्रोल-डीजल से जलायी जा रही हैं। टेबलेट, इंजेक्शन के अलावा सिरप और बोरिक पाउडर तक जलाया जा रहा है। मैदान को एक तरह से एक्सपायर्ड दवाएं जलाने के लिए ही उपयोग किया जा रहा है। पूरे मैदान में जगह-जगह जली अधजली दवाओं के अवशेष फैल गए हैं। ज्यादातर लोग रात में चोरी-छिपे दवाएं जलाते थे। अब तो दिन दिन के उजाले में भी दवाएं जलायीं जा रही हैं। इसे लेकर न तो नगर निगम न ही ड्रग विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है।

सोमवार को दोपहर करीबन थोक दवा बाजार के सामने स्थित खुले मैदान में कुछ लोग दवाईयां लाकर फेंक रहे थे। दवाएं फेंकने के कुछ देर बाद वे लोग लौटकर आए और इस बार वे दवाएं जलाने का सामान लेकर आए थे। उनके पास डिब्बे में पेट्रोल था। दवाओं में उन्होंने पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा दी।

उनसे पूछने पर बताया कि एक्सपायर्ड हो चुके प्रोडक्ट को जला रहे हैं। वे यहां क्यों जला रहे हैं, पूछने पर बताया कि वे ऐसा वे पहले भी कर चुके हैं। जब उन्हें नियमों का हवाला देकर ऐसा करने से मना किया गया तो वे हड़बड़ा गए और आग बुझाने लगे। वे एक्सपायरी वाले गुलाब जल को जला रहे थे। उसकी प्लास्टिक की बोतलों पर डीजल डालकर आग लगाई गई थी। एक्सपायरी दवा और प्रोडक्ट जलाने वाले वे इकलौते नहीं हैं। पिछले 4-5 महीने के दौरान जब से इस खाली मैदान की बाउंड्रीवॉल की गई है, तब से दवा बाजार के कई कारोबारी बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाईयां, इंजेक्शन, सिरप, टेबलेट व बोरिक पाउडर तक यहां न सिर्फ फेंक रहे बल्कि जला भी रहे हैं।

नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई
ड्रग कंट्रोलर के अनुसार बताया कि नियम विरुद्ध दवाओं को नष्ट करने पर दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है। रजबंधा मैदान में खुले में अगर दवाएं नष्ट की जा रही हैं तो ये बड़ी लापरवाही है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जिन कारोबारियों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही निगम को भी पत्र लिखकर उन्हें खुले में दवा फेंकने व जलाने के लिए जुर्माना वसूलने को कहा जाएगा।

किसी भी बायो मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने का ये है सही सिस्टम
ड्रग कंट्रोलर केडी कुंजाम का कहना है किसी भी एक्सपायर्ड दवा या इसी तरह के प्रोडक्ट को नष्ट करने का नियम है। इसकी जानकारी सभी थोक व रिटेल मेडिकल शॉप वालों को है। दवा दुकान खाेलने की अनुमति ही नियम शर्ताें का पालन करने की सहमति के बाद दी जाती है। किसी भी एक्सपायरी दवा को नष्ट करने से पहले ड्रग विभाग को सूचित करना जरूरी है। कौन सी दवा और कब एक्सपायरी हो रही है इसका रजिस्टर मेंटेन करना नियम में है।

दवा की एक्सपायरी होने की तारीख आते ही उसे बाकी दवाओं से अलग करना है ताकि गलती से भी किसी ग्राहक को न दे दी जाए। उसके बाद बायो मेडिकल वेस्ट सिस्टम से दवा नष्ट करने वालों को एक्सपायर्ड दवा का स्टॉक सौंपना है ताकि वे निर्धारित मापदंडों के अनुसार दवाओं को नष्ट करें। कुछ कंपनियां एक्सपायरी दवाएं वापस लेती हैं। ऐसी दशा में कंपनी को दवाएं वापस लौटायी जा सकती हैं।

खुले में लंबे समय तक दवा जलाने से वायु प्रदूषण, बीमारियों का खतरा
डॉक्टर्स का कहना है कि इस तरह खुले में लंबे समय तक दवा किसी जगह फेंकने से वहां का वातावरण के साथ जमीन व पानी भी प्रभावित होता है। इस पर दुष्प्रभाव पड़ता है। दवा व प्लास्टिक जलाने से वायु प्रदूषण होता है, इससे लोगों को सांस लेने के साथ अस्थमा व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। जमीन में लगातार दवा फेंकने से वहां की मिट्टी में इसका असर दिखाई देता है। वह भी दूषित होती है, एेसे जगहों के आसपास बोरिंग व पानी की उपलब्धता में केमिकल मिल सकता है। इसके अलावा मवेशी के इस जगहों पर घास व फैली दवा खाने से मौत तक हो जाती है।

सदस्यों को समझाएंगे, ऐसा न करें

  • यह सरासर गलत है, मैं खुद उस जगह पर जाकर देखूंगा। वैसे भी अधिकतर दवा कपंनी एक्सपायर्ड दवाओं को खुद वापस ले लेती हैं। इन दवाओं को डिस्पोज करने का नियम होता है, इसे बायो मेडिकल वेस्ट वालों को दिया जाता है। जो ऐसे खुले में फेंकने के साथ जला रहे हैं, उन्हें चेताया जाएगा। सभी सदस्यों को इसे लेकर सूचित किया जाएगा। इसके बाद भी ऐसा कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। - विनय कृपलानी, अध्यक्ष, रायपुर थोक दवा कारोबारी संघ
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