किसानों का 27 सितंबर को भारत बंद:छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने किया समर्थन; केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध, ट्रेड यूनियन ने रायपुर में निकाली मशाल रैली

रायपुर4 महीने पहले
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ट्रेड यूनियन के साथ अन्य संगठनों के लोगों ने भी किसानों के साथ एकजुटता दिखाई है। - Dainik Bhaskar
ट्रेड यूनियन के साथ अन्य संगठनों के लोगों ने भी किसानों के साथ एकजुटता दिखाई है।

केंद्र सरकार के तीन कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ 10 महीने से आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को प्रदेश में बंद की तैयारी है। ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच ने इसके समर्थन में शनिवार रात रायपुर में मशाल रैली निकाली। अब प्रदेश कांग्रेस ने भी इस बंद का समर्थन कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया, कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। बताया जा रहा है, कांग्रेस कार्यकर्ता भी सोमवार को सड़क पर उतरेंगे। इधर, ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच व अन्य जन संगठनों ने रायपुर में मशाल रैली निकाली। यह रैली कर्मचारी भवन से निकल कर कालीबाड़ी, महिला थाना, मोतीबाग, छोटापारा, कोतवाली होते हुए माधवराव सप्रे स्कूल के पास समाप्त हुई।

यहां एक नुक्कड़ सभा हुई। इसमें किसानों के आंदोलन को देश का आंदोलन बताया गया। वक्ताओं ने कहा, यह केवल खेती बचाने की नहीं बल्कि देश बचाने की लड़ाई है। इसमें सभी वर्गों को साथ आना चाहिए। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने बताया, केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून खतरनाक हैं। इसके खिलाफ पूरे देश को खड़ा होना होगा। सोमवार के भारत बंद को देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया है।

28 सितम्बर को किसान महापंचायत
उधर, छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ 28 सितम्बर को किसान महापंचायत की तैयारियों में जुटी है। यह महापंचायत राजिम की कृषि उपज मंडी परिसर में होना है। इसमें किसान आंदोलन के प्रमुख चेहरे राकेश टिकैत, डॉ. दर्शन पाल सिंह, योगेंद्र यादव, मेधा पाटेकर, डॉ. सुनीलम जैसे नेता शामिल होने वाले हैं।

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