एमएसपी पर धान खरीदी 31 जनवरी तक होगी:42 दिन धान बेच सकेंगे किसान पहले दिन 88 हजार टन की खरीदी

रायपुर2 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में बुधवार से एमएसपी पर धान खरीदी शुरू हो गई, जो 31 जनवरी तक चलेगी। अवकाश के दिनों को छोड़कर कुल 42 दिन खरीदी होगी। इस वर्ष 22.66 लाख किसानों से लगभग 105 लाख टन धान खरीदी की जाएगी। इधर, सरकार ने गुरुवार किसानों के लिए एक और फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर किसानों को अब पुराने बारदाने के एवज में 25 रुपए का भुगतान किया जाएगा । पहले दिन पूरे प्रदेश में 30 हजार 85 किसानों ने 88 हजार टन धान बेचा।

धान खरीदी के पहले दिन मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने रायपुर के जरोदा और बंगोली उपार्जन केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने धान विक्रय के लिए आए किसानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने खुद धान तौल कर धान-खरीदी की शुरुआत की। यह खरीदी नकद एवं लिंकिंग के माध्यम सें 31 जनवरी तथा मक्का की खरीदी 28 फरवरी तक की जाएगी। धान कॉमन 1940 रूपए प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 1960 रूपए प्रति क्विंटल तथा मक्का का 1870 रूपए दिए जाएंगे।

धान खरीदी व्यवस्था के सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। खाद्य विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि किसानों को अपने बारदाने में धान लाने की छूट दी गई है। किसान यदि स्वयं के बारदाने में धान बेचने लाते हैं तो बारदाने की पूर्व निर्धारित दर प्रति नग 18 रुपये को बढ़ाकर अब 25 रुपये कर दिया गया है।

कोदो, कुटकी और रागी की भी समर्थन मूल्य पर होगी खरीदी
प्रदेश में कोदो, कुटकी तथा रागी जैसे मिलेट फसलों की खेती को बढ़ावा बुधवार से इसकी समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ हो गई है। खरीदी अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। राज्य के वन क्षेत्रों में निवासरत वनवासियों इनकी परम्परागत रूप से खेती करते हैं। वनवासी किसानों से कोदो और कुटकी 30 रुपए प्रति किलो तथा रागी 33.77 रुपए प्रति किलो समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है।

राइस मिलरों को अब मिलिंग पर 120 रूपए प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश राइस मिलर्स को कस्टम मिलिंग के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया है। अब मिलर्स को प्रति क्विंटल 120 रुपए मिलेंगे। सीएम बघेल ने बुधवार शाम छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और खाद्य अधिकारियों की बैठक में राज्य मंे धान की कस्टम मिलिंग की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सीएम ने यह घोषणा की। बारदानों की आपूर्ति पर राईस मिलर्स भी विशेष ध्यान रखें।

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