• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • FCI Reaches First Lot Of Rice; Rice Deposited For Custom Milling In The First Week Of Paddy Procurement, For The First Time In Chhattisgarh

FCI पहुंचा चावल का पहला लॉट:धान खरीदी शुरू होने के पहले ही सप्ताह कस्टम मीलिंग का चावल जमा; छत्तीसगढ़ में ऐसा पहली बार

रायपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चावल का पहला लॉट पहुंचने पर अधिकारी भी गोदाम पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
चावल का पहला लॉट पहुंचने पर अधिकारी भी गोदाम पहुंचे थे।

छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कस्टम मीलिंग भी शुरू हो गई है। सोमवार रात कस्टम मीलिंग के बाद बने चावल का पहला लॉट भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में पहुंचा दिया गया। अफसरों का कहना है, छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू हाेने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब खरीदी शुरू होने के पहले ही सप्ताह में चावल जमा होना शुरू हुआ हो।

खाद्य विभाग के अधिकारियाें ने बताया, 6 दिसंबर को रायगढ़ के सरिया स्थित आकांक्षा राइस मिल के संचालक ने FCI रायगढ़ में 290 क्विंटल यानी एक लाट चावल जमा किया। चावल लेने से पहले FCI के अधिकारियों ने प्रयोगशाला में गुणवत्ता की जांच की।

बताया जा रहा है, यह लॉट केंद्र सरकार की ओर से तय मापदंड मिक्स इंडिकेटर टेस्ट एवं अन्य सभी मानकों पर सही पाया गया है। रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने बताया, जिले में लगभग 67 राइस मिलर्स FCI में चावल जमा करने की तैयारी में है। आकांक्षा राइस मिल ने भी लगभग 150 मीट्रिक टन चावल और जमा कराने के लिए मिलिंग पूरी कर ली है। दो-तीन दिन में वह चावल भी FCI में जमा करा दिया जाएगा।

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को केंद्रीय पूल में 61 लाख 65 हजार मीट्रिक टन अरवा चावल जमा करने का लक्ष्य दिया है। पिछले साल कस्टम मीलिंग में देरी की वजह से सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ा। FCI को चावल जमा करने में देरी हुई। बार-बार समय सीमा बढ़ाने का आग्रह करना पड़ा।

अधिकारियों ने चावल की गुणवत्ता का परीक्षण करने के बाद ही उसे जमा किया।
अधिकारियों ने चावल की गुणवत्ता का परीक्षण करने के बाद ही उसे जमा किया।

मुख्यमंत्री ने ली थी मिलरों की बैठक

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले सप्ताह ही राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ दो-दो बैठकें की थी। इस दौरान उन्होंने पुराने बारदाने का मूल्य 18 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए करने की मांग मान ली। वहीं कस्टम मीलिंग पर प्रोत्साहन राशि भी बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया। मुख्यमंत्री ने मिलरों से कहा था, इस बार उठाव और मीलिंग में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

एक दिसंबर से शुरू हुई है खरीदी

छत्तीसगढ़ में धान की सरकारी खरीदी एक दिसम्बर से शुरू हुई है। पहले दिन 88 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया। अगले दिन से धान का उठाव भी शुरू हो गया था। सोमवार तक 6 लाख 48 हजार मीट्रिक टन धान खरीद लिया था। वहीं एक लाख 13 हजार मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए DO जारी हो चुका है। सरकार इस साल एक करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने की तैयारी में है।

धान खरीदी केंद्रों पर टोकन सिस्टम के जरिये किसानों को बुलाया जा रहा है।
धान खरीदी केंद्रों पर टोकन सिस्टम के जरिये किसानों को बुलाया जा रहा है।

किसानों को 866 करोड़ से अधिक का भुगतान

खाद्य विभाग के अफसरों ने बताया, सोमवार रात तक की रिपोर्ट के मुताबिक 2 लाख 115 किसानों ने धान बेचा है। यह धान 2 हजार 476 खरीदी केंद्रों के जरिये लिया गया है। खरीदी के बाद किसानों को 866 करोड़ 61 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान सीधे बैंक खातों में हो रहा है। सरकार सामान्य धान पर 1940 रुपए और ए ग्रेड धान पर 1960 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान कर रही है।