रायपुर के तालाब में जहर!:मछलियां अचानक मरने लगीं तो लोगों ने किया गौर, पुलिस से बोले- किसी ने पानी में मिलाई विषैली चीज

रायपुर4 महीने पहले
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मछलियों के मरने का कारण जहर को माना जा रहा है । फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मछलियों के मरने का कारण जहर को माना जा रहा है । फाइल फोटो।

रायपुर के धरसींवा इलाके के एक तालाब में जहर मिलाने की शिकायत पुलिस से की गई है। इस मामले में पुलिस ने पानी को दूषित करने और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज किया है। इसके पीछे किसका हाथ है ये पुलिस पता लगा रही है। इलाके के लोगों से पूछताछ की जा रही है। चूंकि, पानी में जहर मिलाए जाने की बात सामने आई है लोगों को इस तालाब से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

ये है पूरा मामला
टीका राम सार्वा मत्स्य प्राथमिक सहकारी समिति के प्रमुख हैं। कुरां इलाके में लुचकी नाम का तालाब है। समिति के लोग मिलकर इसमें मछली पालन करते हैं। इसी से दर्जनों परिवारों में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है। ये तालाब नगर पंचायत कुरां से 10 साल के लिए लीज पर लिया गया है। 5 एकड़ में फैले इस तालाब में टीका राम और दूसरे मछुआरों ने मिलकर मछलियों के बच्चे डाले थे। उम्मीद थी कि कुछ दिनों में जब ये बड़ी मछलियां बनेंगे तो इन्हें बाजार में बेचकर कुछ रुपए कमा लेंगे।

मगर किसी ने साजिश के तहत मछुआरों को मुसीबत में डाल दिया है। 11 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे मछुआरे तालाब में दाना डालने पहुंचे थे। किनारे पर एक-दो मछलियां मरी हुई नजर आई। गौर करने पर देखा गया कि दूसरे छोर की तरफ भी कई मछलियां मरी हुई मिलीं। धीरे-धीरे पानी की सतह पर और भी मछलियां आ गईं जो कि मरी हुई थीं। किसी ने तालाब में जहर मिला दिया था। अब इस मामले में समिति ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस तालाब के चारों ओर ऐसे किसी सबूत की छानबीन कर रही है, जिससे कि पता चले कि आखिर पानी में क्या डाला गया है। तालाब के किनारे अभी तक कोई कीटनाशन, कोई विषैली दवा का रैपर, डब्बा नहीं मिला है।

पहले भी हुई है ऐसी घटनाएं
इससे पहले भी जिले में और भी गांवों में तालाब में कीटनाशक या विषैला पदार्थ डालने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ये हरकतें आपसी रंजिश की वजह से होती हैं। ज्यादातर मामलों में जो आरोपी पकड़े गए उन्होंने स्वीकार किया कि तालाब में मछली पालन का ठेका लेने वाली समिति या ठेकेदार से उनकी दुश्मनी थी इसलिए उन्होंने ऐसा किया। एक-दो मामलों में तालाब का ठेका नहीं मिलने से नाराज पक्ष ने भी ऐसा किया था। गांव के बाहरी किसी को यदि तालाब में मछली पालन का ठेका मिलता है तो भी नाराज युवक ऐसा करते हैं यह बात भी सामने आई है। पुलिस इन सभी बातों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

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