पूर्व मंत्री ने किसान आंदोलन को फिर नक्सलियों से जोड़ा:कहा- CM नक्सलवाद खत्म करने आयोजित बैठक में नहीं जाते, माओवादियों के समर्थित आंदोलन को सही बता रहे

रायपुर2 महीने पहले
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान बृजमोहन ने ये बयान दिया।

27 सितंबर को किसानों के भारत बंद पर प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोमवार को इस मसले पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसान आंदोलन को नक्सलियों का समर्थन है और दूसरा कांग्रेसियों का समर्थन है, इसी से समझिए क्या हो रहा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री नक्सलवाद समाप्त करने की बैठक में नहीं जाते, चर्चा से भाग रहे हैं और नक्सलियों ने जिस आंदोलन को समर्थन दिया है, उसको समर्थन कर रहे हैं। किसान आंदोलन सिर्फ कुछ लोगों की जिद का परिणाम है। आम किसान को इससे लेना देना नहीं। जिनके स्वार्थ को नुकसान पहुंच रहा वो लोग ही आंदोलन कर रहे हैं। देश के सीमित क्षेत्र में ये आंदोलन हो रहा है, बाकी देश में इसका कोई असर नहीं है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए केंद्र के कृषि कानूनों को सिर्फ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला कानून बताया था। रविवार को केंद्र सरकार की नक्सलवाद खत्म करने के एजेंडे पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए। इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को खास निमंत्रण था जहां नक्सलवाद पैर पसारे हुए है। इस बैठक में न जाने की वजह पूछे जाने पर मुख्यमंत्री बघेल ने कह दिया था कि कुर्मी समाज का एक कार्यक्रम पहले तय था, इसलिए मैं बैठक में नहीं जा सका। इससे पहले भी बृजमोहन अग्रवाल ने किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेताओं को शहरी नक्सली और टुकड़े-टुकड़े गैंग का सदस्य बताया था।

साजिश का आरोप:छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा - किसान आंदोलन में अरबन नक्सली और टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोगों के पोस्टर क्यों ?

जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन।
जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन।

रायपुर के जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन करते माकपा के कार्यकर्ता नजर आए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य और ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच की ओर से धर्मराज महापात्र ने बताया कि, सुबह 7 से बजे माकपा व सीटू के कार्यकर्ता जत्थे की शक्ल में शहर में घूमते रहे, बंद को जनता का समर्थन मिला। जय स्तंभ चौक पहुंच कर माकपा कार्यकर्ताओ ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया।

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