गर्मी से राहत:छत्तीसगढ़ के आसपास चार तूफान-द्रोणिका से बादल छाए, आज से अगले दो दिन बौछारें

रायपुर6 महीने पहले
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दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई कई जगह ओले गिरे। - Dainik Bhaskar
दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई कई जगह ओले गिरे।
  • दंतेवाड़ा में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे 2 मई तक अब ऐसे ही बदलता रहेगा मौसम
  • दोपहर का तापमान 42 डिग्री से ऊपर, प्रदेश का सबसेे गर्म दिन भी गुजरा

छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हुए पड़ोसी राज्यों में गुरुवार को चार सिस्टम प्रभावी हैं। इन सिस्टम के असर से समुद्र से बड़ी मात्रा में‌ नमी आने लगी हैं। गुरुवार-शुक्रवार को राज्य के दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। लेकिन बादल आने से पहले, यानी गुरुवार को दोपहर तक राजधानी समेत प्रदेश में गुरुवार को जमकर गर्मी पड़ी है।

इस पूरे महीने में तापमान पहली बार 42 डिग्री के पाार हो गया। बिलासपुर में तापमान 42.8 डिग्री और रायपुर में 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री ऊपर है। प्रदेश के अन्य शहरों जैसे दुर्ग, राजनांदगांव में भी तापमान 41 डिग्री से ऊपर चला गया है। है। अन्य हिस्सों में भी आज काफी ज्यादा गर्मी महसूस की गई। यह अप्रैल के पिछले 28 दिनों में सबसे ज्यादा गर्म दिन है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि प्रदेश के आसपास मौजूदा सिस्टम का असर अगले दो-तीन तक रहने की संभावना है।

इससे कुछ अन्य राज्यों में तेज हवा के साथ वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम के साफ होने और फिर तापमान बढ़ने में चार से पांच दिन लगेगा। फिर कोई नया सिस्टम नहीं बना और समुद्री हवा के आने का सिलसिला थमा तो 4-5 मई के बाद ही तेज गर्मी की उम्मीद की जा सकती है।

कर्नाटक होते हुए तीन दिशाओं में बन रहा सिस्टम

लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार पश्चिम विदर्भ से अंदरूनी कर्नाटक होते हुए दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किमी ऊंचाई तक एक द्रोणिका है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्वी मध्यप्रदेश और उसके आसपास 1.5 किमी ऊंचाई तक है। पूर्वी मध्यप्रदेश में स्थित चक्रीय चक्रवाती घेरा से गंगेटिक, वेस्ट बंगाल तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक एक द्रोणिका है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक है।

इनके असर से 30 अप्रैल को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और अंधड़ चलने के आसार हैं। 1 मई से वर्षा के क्षेत्र में वृद्धि हो सकती है।

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