राज्य में नल जल योजना के कार्यों की समीक्षा:सभी घरों में मुफ्त नल कनेक्शन राज्य ने केंद्र से मांगा 75% हिस्सा

रायपुर2 महीने पहले
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  • केंद्रीय मंत्री शेखावत व सीएम बघेल ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को सीएम भूपेश बघेल के साथ केंद्र की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत राज्य में नल जल योजना के कार्यों की समीक्षा की। सीएम हाउस कार्यालय में हुई बैठक में पीएचई मंत्री गुरु रुद्रकुमार, जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी मौजूद थे।

सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक अभियान के रूप में वर्ष 2023 तक राज्य के हर घर में मुफ्त नल कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इस मिशन में प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर के मान से जल की आपूर्ति की जानी है। इस मापदंड को ध्यान में रखते हुए राज्य में नरवा विकास योजना में वॉटर रिचार्जिंग का काम बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में वन, जल संसाधन, पंचायत विकास विभाग सहित अन्य विभागों से किए जा रहे वॉटर रिचार्जिंग के कार्य से कई क्षेत्रों के जल स्तर में वृद्धि हुई है।

सीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन के लिए केद्रांश की राशि 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग की। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि वर्ष 2024 तक देश के हर घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है केन्द्र सरकार द्वारा इस मिशन के लिए राज्यों को सामान्य रूप से 50 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे गांव जहां पहले से ही नलजल योजना संचालित हैं और वहां कुछ घरों में पानी पहुंचाने का काम बच गया है, ऐसे गांवों में प्राथमिकता के आधार पर जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण किए जाएं तो इससे कार्य में गति आएगी।

39.81 लाख परिवारों को कनेक्शन
पीएचई सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि वर्ष 2021-22 में 22.14 लाख परिवारों को नल कनेक्शन देने के लिए कार्ययोजना अनुमोदित की गई है और राज्य की 5 हजार 44 गांवों में 14.10 लाख परिवारों को नल कनेक्शन देने के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 39.81 लाख से अधिक परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दिया जाना है। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के फ्लोराइड प्रभावित 150 बसाहटों में सोलर आधारित इलेक्ट्रो डिफ्लोरीडेशन प्लांट का स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इनमें 27 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। आयरन आधिक्य प्रभावित 52 बसाहटों में से नलजल योजना का काम किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ पिछड़ा, देश में 30वें स्थान पर : शेखावत
समीक्षा बैठक के बाद शेखावत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले साल की राशि नहीं खर्च हो पाई है। 2019-20 में छत्तीसगढ़ 20-22 प्रतिशत ही खर्च कर पाए। मान लिया जाए कि वह पहला वर्ष था, योजनाएं उस हिसाब से नहीं बन पाई हों। लेकिन 2020-21 में भी जितना पैसा आवंटित हुआ उसकी एक ही किश्त ले पाए थे। इस बार 1900 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। 400 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए हैं। अभी तक 2 प्रतिशत राशि ही खर्च हो पाई है। इस योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ 19वें स्थान पर था। अब 30 वें स्थान पर पहुंच गया है। इस दौरान पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व जिलाध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी मौजूद थे।

रुद्र गुरु बोले, केंद्रीय मंत्री की कुछ बातें राजनीतिक
इधर मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने कहा, केंद्रीय मंत्री ने जो बाते कहीं हैं उनमें से कुछ राजनीतिक हैं। यह उनकी विवशता भी हो सकती है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल पहुंचाने की योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। अनुपूरक बजट में सबसे अधिक पैसा आवंटित हुआ है।

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