गणेश उत्सव से पहले राजधानी टोटल अनलॉक:रायपुर में रात 10 बजे के बाद आवाजाही और सार्वजनिक गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध खत्म, अब पूर्व अनुमति से आयोजन भी कर सकेंगे

रायपुर10 महीने पहले
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कलेक्टर के आदेश में बदलाव के बाद कोरोना की दूसरी लहर से प्रतिबंध झेल रही राजधानी पूरी तरह अनलॉक हो गई है। - Dainik Bhaskar
कलेक्टर के आदेश में बदलाव के बाद कोरोना की दूसरी लहर से प्रतिबंध झेल रही राजधानी पूरी तरह अनलॉक हो गई है।

छत्तीसगढ़ में गणेशोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। इससे एक दिन पहले प्रशासन ने राजधानी रायपुर को पूरी तरह अनलॉक कर दिया है। कोरोना की वजह से रात 10 बजे के बाद आवाजाही और सार्वजनिक आयोजनों पर लगा प्रतिबंध उठा लिया गया है। अब पूर्व अनुमति से आयोजन भी हो सकेंगे।

रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने जून-जुलाई में जारी अनलॉक संबंधी आदेश में मामूली संशोधन कर जारी किया। इस संशोधन में आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक गतिविधियों पर रात 10 बजे के बाद प्रतिबंध वाला प्रावधान हटा लिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि आज से रात 10 बजे के बाद भी दुकानें खुली रह सकती हैं। चौपाटी की रौनक लौट आएगी। बताया जा रहा है, कल से शुरू हो रहे गणेशोत्सव को देखते हुए यह राहत दी गई है। एक दिन पहले प्रशासन ने गणेशोत्सव की गाइडलाइन में भी बदलाव किया था। इसमें प्रतिमा की ऊंचाई से लेकर गतिविधियों के संचालन में आयोजकों को राहत दी गई थी। इस साल मार्च में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई थी। प्रशासन ने रायपुर में 9 अप्रैल से लॉकडाउन लगा दिया था। उसके बाद उसे धीरे-धीरे उठाया गया। दुकानों के खुलने-बंद होने का समय तय हुआ। शुरुआत में कुछ घंटों की छूट थी, उसमें ढील देते-देते यह रात 10 बजे तक की छूट में बदली थी। इस दौरान बिना आपातकाल के शहर में आवाजाही पर भी प्रतिबंध था। हालांकि व्यावहारिक रूप से इस पर सख्ती नहीं बरती जा रही थी।

व्यापारिक संगठनों ने जताया संतोष

प्रशासन के इस फैसले पर व्यापारिक संगठनों ने संतोष जताया है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स, कैट, व्यापार मंडल के नेताओं अमर पारवानी, जीतेंद्र दोशी और योगेश अग्रवाल आदि ने कहा, प्रशासन के इस फैसले से कारोबार में तेजी आएगी। गणेश उत्सव में ऐसे फैसले से आम लोगों को भी राहत मिलेगी।

अभी रायपुर में कोरोना के ऐसे हैं हालात

प्रदेश भर में कोरोना के अभी 390 एक्टिव केस हैं। बुधवार को 48 नए मामले सामने आए। रायपुर में ही कल 3 नए मरीज मिले थे। जिले भर में इस समय 27 एक्टिव मरीज हैं। यहां रोज 3-4 केस मिल रहे हैं। लेकिन हालात काबू में हैं। अस्पतालों के कोरोना वार्ड खाली हो चुके हैं। पिछले एक महीने से रायपुर में कोरोना के किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। आखिरी मौत 5 अगस्त को हुई थी।

टीका नहीं लगवाने वालों को घर-घर तलाशेगा प्रशासन

रायपुर में 14 लाख से अधिक यानी करीब 80 प्रतिशत लोगों ने कोरोनारोधी टीके का कम से कम एक डोज लगवा लिया है। इनमें से 5 लाख लोगों ने दूसरा डोज भी ले लिया है। टीका नहीं लगवाने वाले 20 प्रतिशत लोगों की तलाश में अब प्रशासन घर-घर जाएगा। रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने बूथ स्तर के अधिकारियों को घर-घर जाकर सर्वे सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद टीका नहीं लगवाने वालों की पहचान कर उनको टीकाकरण के लिए प्रेरित करना होगा।

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