पहली बार मिला गांजे के गोदाम का VIDEO:कैमरे में कैद हुआ डिलीवरी के लिए रखा करोड़ों का गांजा, पकड़े गए तस्कर के मोबाइल में मिले विजुअल

रायपुर10 दिन पहले

छत्तीसगढ़ पुलिस को पहली बार गांजे के गोदाम का विडियो मिला है। बालोद पुलिस ने हाल में ओडिशा से गांजा लाकर छत्तीसगढ़ और देश के दूसरे राज्यों में सप्लाई करने वाले नेटवर्क को पकड़ा था। हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन की जांच में यह वीडियो पुलिस के हाथ लगा। वीडियो में ओडिशा के छत्तीसगढ़ से लगे एक गांव में बना गांजे का गोदाम और तस्करों का अड्‌डा दिख रहा है। इसमें कुछ लोग भी दिख रहे हैं। इस जगह तंबू लगाकर गांजे के सैकड़ों पैकेट रखे गए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहा गांजे का स्टॉक करोड़ों की कीमत का है। इस बात की पुष्टि होती रही है कि गांजा ओडिशा से लाया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ की पुलिस इस वीडियो को अहम सबूत मानकर गांजा तस्करों के खिलाफ एक्शन के लिए ओडिशा पुलिस से संपर्क कर रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो ओडिशा के मलकानगिरी के पास कदमगुड़ा क्षेत्र का है। हालांकि, पुलिस की जांच अब भी जारी है।

गांजे की इन बोरियों पर चादर बिछाकर सोते हैं तस्कर।
गांजे की इन बोरियों पर चादर बिछाकर सोते हैं तस्कर।

बीते कई साल से ओडिशा से छत्तीसगढ़ गांजा भेजा जा रहा है। हमेशा यहां पकड़ में आने वाले तस्करों के पास से मिलने वाला गांजा भी उसी तरह पैक किया हुआ होता है, जैसा वीडियो में नजर आ रहा है। दो सप्ताह पहले ही प्रदेश के नए DGP अशोक जुनेजा ने ओडिशा पुलिस के अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है।

उन्होंने साथ मिलकर गांजे के खिलाफ एक्शन लेने पर जोर दिया, ओडिशा पुलिस ने भी सहमति जताई। मगर इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि गांजे के इस गोदाम के बारे में ओडिशा पुलिस बिल्कुल अंजान हो।

ओडिशा से तस्कर कई साल से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।
ओडिशा से तस्कर कई साल से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।

नदियों के किनारे बने ठिकाने
सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा के ऐसे गांव जो छत्तीसगढ़ से लगे हैं वहां नदियों के किनारे इस तरह के डंपिंग जोन हैं, जहां गांजा छुपाकर रखा जाता है। ऐसी जगह नदियों के किनारे होती हैं। कई बार पुलिस के डर से तस्कर गांजे को नदियों के रास्ते भी दूसरे गांवों में भेज देते हैं।

कभी पकड़े नहीं जाते रैकेट के सरगना
पिछले कुछ साल की पुलिसिया कार्रवाई को देखने पर एक बात कॉमन मिलती है। वो ये कि गांजे की तस्करी करने वाले छोटे तस्कर या वो ड्राइवर ही गिरफ्तार होते हैं, जिन्हें सिर्फ गांजे की डिलीवरी का काम सौंपा जाता है। आज तक की कार्रवाई में पुलिस कभी उन चेहरों को उजागर नहीं कर पाई जिनके लिए गांजा आ रहा था या जिनके पास से गांजा किसी और को भेजा जा रहा था।

ओडिशा के हाईवे पर कई बार गांजे के रैकेट के लोग अंजान ट्रक ड्राइवर्स से संपर्क कर उन्हें पैकेट दे देते हैं और रास्ते में ही किसी दूसरे ट्रक या व्यक्ति का हुलिया बताकर डिलीवरी करने को कहते हैं। ये लोग फोन का इस्तेमाल बेहद कम करते हैं। इसलिए पुलिस को इन्हें पकड़ने में खासी दिक्कतें आती है। पकड़े जाने पर ट्रक के ड्राइवर ये भी नहीं बता पाते ही किसने गांजा दिया और जिसके पास डिलीवर करना था वो कौन है।

बालोद पुलिस ने पकड़ी कार।
बालोद पुलिस ने पकड़ी कार।

तस्करी के लिए OLX से खरीदी कार
बालोद के जिन तस्करों के पास से पुलिस को वीडियो मिला वो बेहद शातिर हैं। कई साल से गांजे की तस्करी में शामिल हैं। पुलिस को पता चला है कि तस्कर जितेंद्र सिरमौर, अर्जुन मंडल, सनातन उर्फ सोना विश्वास, थानेश्वर उर्फ राजा विश्वकर्मा ने ओएलएक्स से गाड़ी खरीदी और इसका इस्तेमाल तस्करी में करते थे।

शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दिल्ली, मंडला, दुर्ग के अंजोरा और केशकाल से गांजा तस्करी मामले में पहले भी आरोपी जेल जा चुके हैं। ओडिशा से गांजा लाकर ये युवक भिलाई गाजियाबाद, एनसीआर, यूपी में सप्लाई करते थे।

तस्करी के लिए गैंग के बदमाश अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। यह गांजा सब्जी के पीछे छिपाकर ले जाया जा रहा था।
तस्करी के लिए गैंग के बदमाश अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। यह गांजा सब्जी के पीछे छिपाकर ले जाया जा रहा था।

23 नवंबर को महासमुंद में पकड़ा गया 64 लाख का गांजा
23 नवंबर को पुलिस को एक इनपुट मिला था। खबर थी कि बुलेरो में गांजे की बड़ी खेप ओडिशा से महासमुंद होते हुए मध्यप्रदेश की ओर जाने वाली है। बसना के पास पुलिस ने गाड़ी को रोका। इसमें पुलिस को रीवा-सतना के रहने वाले शिवम तिवारी और प्रमोद तिवारी मिले। गाड़ी की तलाशी लेने पर पीछे ट्राॅली में हरी मिर्च भरी थी। मिर्च के नीचे प्लास्टिक बोरियों में 3 क्विंटल से ज्यादा गांजा मिला। इसकी कीमत करीब 64 लाख रुपए थी। पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

CM ने कहा था गांजे की एक पत्ती भी न आने पाए
पुलिस अफसरों की एक बैठक लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि गांजे की एक भी पत्ती राज्य में नहीं आनी चाहिए। हालांकि, इसके बाद भी तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं, कुछ पकड़े भी जा रहे हैं। नशे के अवैध धंधे ने छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा की हैं। ओडिशा से तस्करी रोकना पुलिस और राज्य सरकार के लिए बड़ा चैलेंज है। भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी कर रही है।

तस्कारों ने जुलूस पर चढ़ा दी थी कार
छत्तीसगढ़ के ही जशपुर जिले में पिछले महीने तस्करों ने अपनी कार से धार्मिक जुलूस में शामिल लोगों को कुचल दिया था। ये लोग दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे थे। कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 26 लोग घायल हो गए थे। कार में गांजा भरा हुआ था और तस्कर इसे ओडिशा से मध्य प्रदेश के सिंगरौली ले जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...