CG में गांजा तस्करी इतनी कि CM भी चिंतित:मुख्यमंत्री ने DGP से कहा तत्काल स्टेट की बॉर्डर पर चेकपोस्ट बनवाएं; छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए 17 राज्यों में जाता है नशे का सामान

रायपुर4 महीने पहले
सीमावर्ती सड़कों पर चेकपोस्ट लगाकर गांजे की तस्करी रोकने के उपाय करने को कहा गया है।

गांजा और दूसरे मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस एक बड़ी तैयारी कर रही है। खुलासा हुआ है कि आंध्र और ओडिशा से 600 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का गांजा यहां से पूरे देश में भेजा जाता है। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने DGP डीएम अवस्थी को पड़ोसी राज्यों से जुड़ी सीमाओं पर पुलिस चेकपोस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसमें कैमरा और पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बल की तैनाती के लिए भी कहा गया है।

DGP ने भी बॉर्डर वाले जिलों के सभी SP को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध गांजे के लाने ले जाने की सूचना अक्सर मिलती रहती है। इस तस्करी पर रोकथाम के लिए बाकी प्रदेशों से लगी सीमाओं पर चेकपोस्ट लगाना सुनिश्चित करें। DGP की ओर से कहा गया है, सीमावर्ती राज्यों से आने वाले रास्तों में चेकपोस्ट लगाकर पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बल तैनात करते हुए अवैध गांजा, शराब एवं अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी पर तुरंत रोक लगाएं।

महासमुंद पुलिस ने जून में गांजे की यह खेप पकड़ी थी। करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपए कीमत के गांजे को कटहल के नीचे छिपाकर ओडिशा से लाया जा रहा था।
महासमुंद पुलिस ने जून में गांजे की यह खेप पकड़ी थी। करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपए कीमत के गांजे को कटहल के नीचे छिपाकर ओडिशा से लाया जा रहा था।

ओडिशा-आंध्र से देशभर में पहुंचता है नशे का सामान
पिछले कुछ समय में ओडिशा के गांजे की मांग बढ़ी और देश के करीब 17 राज्यों के गांजा तस्कर यहां गांजा लेने आने लगे। ओडिशा में पहले गांजे की खेती कोरापुट जिले के व्यापारीगुड़ा, आंध्र ओड़िशा बॉर्डर और मलकानगिरी में होती थी। बढ़ती मांग को देखते हुए अब ओडिशा के ही नवरंगपुर जिले में इसकी खेती की शुरूआत हुई है। इसके साथ ही कंधमाल, कालाहांडी, गंजाम, भवानीपट्नम, मुन्नीमुड़ा में भी खेती शुरू हो गई। आंध्रप्रदेश में बड़े स्तर पर खेती और तस्करी होती है।

बस्तर, महासमुंद और रायगढ़ से होकर गुजरता है तस्करों का नेटवर्क
सामने आया है कि राज्यों में जो गांजा सप्लाई होता है, उसका मुख्य रास्ता छत्तीसगढ़ के बस्तर, महासमुंद और रायगढ़ जिलों से होकर गुजरता है। यहीं के अलग-अलग रास्तों से तस्कर गांजे की खेप अलग-अलग राज्यों में लेकर जाते हैं। सबसे ज्यादा गांजा हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दमन-दीव, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में भेजा जाता है।

छत्तीसगढ़ गांजा तस्करी का कॉरिडोर:भास्कर ने पता लगाया गांजे का नेटवर्क; 600 करोड़ का काला धंधा, हर साल छत्तीसगढ़ से होकर देश के 17 राज्यों तक पहुंच रहा ओडिशा का गांजा

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