अगस्ता हेलिकॉप्टर खरीदी की होगी जांच!:CM बघेल बोले-इस मांग पर विचार कर सकते हैं;10 दिन पहले क्रैश में हुई थी 2 पायलट की मौत

रायपुर8 महीने पहले
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राज्य सरकार का यह इकलौता हेलीकॉप्टर 12 मई की रात क्रैश हो गया। इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। - Dainik Bhaskar
राज्य सरकार का यह इकलौता हेलीकॉप्टर 12 मई की रात क्रैश हो गया। इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार 15 साल पहले खरीदे गए अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे की जांच करा सकती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद इसके संकेत दिए हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, अगर इस तरह की मांग आती है तो विचार किया जाएगा।

एक दिन पहले ही कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय में कबीर शोध पीठ के अध्यक्ष कुणाल शुक्ला और RTI एक्टिविस्ट अभिषेक प्रताप सिंह ने खरीदी प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग उठाई थी। कुणाल और अभिषेक का कहना है कि यह आशंका जताई जाती रही है कि अगस्ता हेलिकॉप्टर सरकारी खरीदी में घोटाला हुआ है। यह पैसा पनामा की किसी शेल कंपनी के खाते में जमा किया गया है।

दोनों ने अभी तक औपचारिक शिकायत किसी प्राधिकारी को नहीं दी है। बताया जा रहा है, एक-दो दिन में यह मांग संबंधित अधिकारियों को लिखित में दी जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 26 मई को बस्तर दौरे का यह चरण पूरा कर वापस लौटने वाले हैं। उसके बाद हेलीकाप्टर दुर्घटना वाले मुद्दे पर अधिकारियों के साथ चर्चा होनी है। संभावना जताई जा रही है कि उसी समय इस मामले की जांच संबंधी आदेश दिए जा सकते हैं।

इन बिंदुओं पर जांच की मांग हो रही है

  • हेलीकाप्टर खरीदी के लिए हुई की निविदा प्रक्रिया की जांच।
  • निविदाकारों के आपसी संबंध और व्यावसायिक लेनदेन की जांच।
  • अन्य राज्य सरकारों को अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर में समतुल्य तकनीक के बाद प्राप्त क्रय दर की जांच।
  • अन्य कंपनी के हेलिकॉप्टर निर्माताओं को निविदा में भाग लेने से रोकने हेतु निविदा में अधिरोपित शर्त तथा बिंदुओं की जांच।
  • खरीदी प्रक्रिया में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं उनके कार्यालय की भूमिका की जांच।
  • जिस कंपनी, व्यक्ति अथवा एजेंट से हेलिकॉप्टर खरीदा गया था उसकी पृष्ठभूमि तथा एविएशन सेक्टर में उसका अनुभव क्या था, इसकी जांच।
  • छत्तीसगढ़ सरकार को अगस्ता वेस्टलैंड का स्पेसिफिक मॉडल ही खरीदना है। यह तय करने के लिए क्या कोई समिति बनी थी? अगर समिति बनी थी तो उसके सदस्य कौन कौन थे? और समिति का निर्णय क्या था, इस तथ्य की जांच।
  • तकनीकी विशेषज्ञ से जांच करवाई जाए कि क्या छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर ही सबसे उपयुक्त था। अगर नहीं तो फिर दूसरे हेलिकॉप्टर निर्माता कंपनियों के मॉडल पर क्यों विचार नहीं किया गया।
क्रैश में मारे गए कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा का सोमवार को दशगात्र था। कांग्रेस की ओर से आरपी सिंह और अजय साहू ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
क्रैश में मारे गए कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा का सोमवार को दशगात्र था। कांग्रेस की ओर से आरपी सिंह और अजय साहू ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

12 मई की रात क्रैश हुआ था सरकारी हेलिकॉप्टर

राज्य सरकार की सरकारी हेलिकॉप्टर 12 मई की रात 9.10 बजे रायपुर एयरपोर्ट पर क्रैश हो गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया था, हेलिकॉप्टर के दो पायलट कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा और कैप्टन ए.पी. श्रीवास्तव नाइट फ्लाइंग की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी वक्त अचानक ये हादसा हुआ। हेलिकॉप्टर सीधा जमीन पर गिरकर क्रैश हो गया। इस हादसे में दोनों पायलट की मौत हो गई। जिस हेलिकॉप्टर से हादसा हुआ उसे 2007 में खरीदा गया था। केंद्र सरकार की एविएशन एजेंसी DGCA - नागर विमानन महानिदेशालय इस हादसे की जांच कर रहा है।

रमन सिंह से अभिषेक सिंह तक आया है नाम, जांच नहीं हुई

तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अक्टूबर 2007 में अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीदा था। इसके लिए 65 लाख 70हजार अमेरिकी डॉलर की बड़ी कीमत अदा की गई। इस सौदे पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने सवाल उठाए। कहा गया, खरीदी प्रक्रिया में एक स्टैंडर्ड मॉडल के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला गया। यह सही नहीं था। यह भी सवाल उठा कि ऐसा ही हेलिकॉप्टर झारखंड सरकार ने 55 लाख 91 हजार अमेरिकी डॉलर में खरीदा था। यह भी बात आई कि सरकार ने कंपनी के साथ 61 लाख डॉलर में बातचीत तय कर ली थी, लेकिन अचानक ही बढ़ी हुई कीमत पर खरीदी कर ली गई। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आरोप था, खरीदी से मिली दलाली और रिश्वत की रकम पनामा में अभिषेक सिंह के नाम से संचालित एक फर्जी कंपनी के खाते में जमा कराया गया था। तमाम हंगामे के बाद भी राज्य अथवा केंद्र सरकार ने इसकी जांच के आदेश नहीं दिए थे।

विमानन विभाग ने हेलीकॉप्टर का बीमा क्लेम किया

इस बीच राज्य सरकार के विमानन विभाग ने दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के लिए बीमे का दावा कर दिया है। सरकार ने इस हेलिकॉप्टर के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया था। अब कुल 28 करोड़ रुपए का दावा भेजा गया है। इसमें हेलिकॉप्टर का बीमा 26 करोड़ रुपया और दो पायलटों की मौत का एक-एक करोड़ रुपये का दावा है।

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